Shesh Bharat: तीसरे बच्चे पर 365 दिन की छुट्टी, CM विजय के फैसले के पीछे क्या है बड़ा गेम?
तमिलनाडु की विजय सरकार ने महिला सरकारी कर्मचारियों को तीसरे बच्चे के जन्म पर भी 365 दिन की पेड मैटरनिटी लीव देने का ऐलान किया है. इस फैसले से महिला अधिकारों, घटती जन्मदर और दक्षिण भारत की राजनीतिक चिंता पर बहस तेज हो गई है. डिलिमिटेशन को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है.
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देश की राजनीति में सीएम जोसेफ विजय का एक फैसला ऐसा तूफान मचा रहा है, जिसने न सिर्फ महिलाओं के अधिकारों, बल्कि देश के डेमोग्राफिक और पॉलिटिकल स्ट्रक्चर को हिलाकर रख दिया है. तमिलनाडु सीएम सी. जोसेफ विजय ने अपनी महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए तीसरे बच्चे पर भी पूरे 365 दिन यानी पूरे एक साल की पेड मैटरनिटी लीव देने का बड़ा ऐलान कर दिया है. अब तक यह नियम सिर्फ पहले दो बच्चों तक सीमित था, और तीसरे बच्चे पर महज 12 हफ्ते की छुट्टी मिलती थी. सवाल ये है कि बरसों से हम दो, हमारे दो के नारे पर सख्ती से काम करने वाला दक्षिण भारत अचानक 'तीसरे बच्चे' पर मेहरबान क्यों हो रहा है? क्या यह सिर्फ एक चुनावी वादा या महिला सशक्तिकरण का कदम है, या फिर इसके पीछे छिपा है 2026 के डिलिमिटेशन का वो खौफ, जो दक्षिण भारत की राजनीतिक ताकत को निगलने का डर दिखा रहा है?
