सेंगोल को लेकर छिड़ गया विवाद, SP-RJD और कांग्रेस ने की हटाने के मांग, बीजेपी ने कहा कोई हटा नहीं सकता

सपा सांसद ने कहा, बीजेपी सरकार ने संसद में 'सेंगोल' स्थापित किया. 'सेंगोल' का अर्थ है 'राज-दंड', इसका अर्थ 'राजा का डंडा' भी होता है. देश रियासती व्यवस्था को खत्म करके आजाद हुआ. देश 'राजा के डंडे' से चलेगा या संविधान से?

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Sengol controversy: 4 जून को लोकसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद 9 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार तीसरी बार PM पद की शपथ ली. चुनाव के बाद इस समय संसद का पहला सत्र चल रहा है. लोकसभा सदस्यों के शपथग्रहण और स्पीकर के चुनाव के बाद आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दोनों सदनों के संयुक्त सत्र को संबोधित किया. इन्हीं सब के बीच लोकसभा में स्थापित किए गए सेंगोल पर सियासत गरमा गई है. दरअसल विपक्षी दलों ने स्पीकर के आसन के पास स्थापित सेंगोल को हटाने की मांग शुरू कर दी है. समजवादी पार्टी (SP) ने सेंगोल को राजशाही का प्रतीक बताते हुए उसे हटाकर उसकी जगह संविधान स्थापित करने की मांग की है. इसके बाद से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष कई तरफ से सेंगोल पर बयानबाजी चल रही है. आइए आपको बताते हैं पूरा मामला.