शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे पर धर्मेंद्र प्रधान ने तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों छोड़ा पद
धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पहली बार बयान दिया. उन्होंने कहा कि NEET विवाद के दौरान Gen Z को गुमराह करने की कोशिश हुई. प्रधान ने बताया कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री मोदी से इस्तीफे की पेशकश की थी. ओडिशा में उन्होंने नवीन पटनायक पर युवाओं को विरोध में शामिल करने का आरोप भी लगाया.
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dharmendra pradhan
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से रिजाइन देने के लगभग दो सप्ताह बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता और संबलपुर से सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने इस पूरे मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ी है. ओडिशा की जीएम यूनिवर्सिटी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET परीक्षा विवाद के समय देश के युवाओं और जेन-जी (Gen-Z) को भ्रमित करने का प्रयास किया गया. उन्होंने साफ किया कि उनके लिए कोई भी पद किसी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा से बड़ा नहीं है.
