Shesh Bharat: परिसीमन बिल पर स्टालिन का बड़ा दांव, क्या टूट जाएगा बीजेपी का 816 सीटों वाला सपना?
2026 के चुनावों के बाद 'इंडिया' गठबंधन से अलग हुई डीएमके ने साफ किया है कि वह बीजेपी के साथ नहीं जाएगी. पार्टी संसद में केंद्र के परिसीमन बिल का पुरजोर विरोध करेगी. डीएमके दक्षिण के राज्यों के अधिकारों और 1971 के सीट अनुपात को बनाए रखने की मांग पर पूरी तरह अडिग है.
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Shesh Bharat
वर्ष 2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश के सियासी समीकरणों को पूरी तरह उलट-पुलट कर रख दिया है. इस चुनाव में दो सबसे बड़े बदलाव देखने को मिले. पहला बदलाव पश्चिम बंगाल में हुआ, जहां ममता बनर्जी की हार के बाद मची बगावत से BJP मजबूत हो रही है. वहीं दूसरा बड़ा बदलाव तमिलनाडु में दिखा, जहां थलापति विजय की एंट्री से कांग्रेस और डीएमके (DMK) का पुराना गठबंधन टूट गया. विपक्ष के 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन से डीएमके का बाहर होना राहुल गांधी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था, लेकिन इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने परिसीमन विधेयक (Delimitation Bill) पर नया दांव चलकर सत्ताधारी एनडीए (NDA) की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं.