क्या सुलझेगा कर्नाटक कांग्रेस का नया संकट? डीके शिवकुमार के 'पक्के दोस्त' ने क्यों दिया सीधे CM के बजाय उनके सचिव को इस्तीफा

कर्नाटक में नई सरकार बनते ही कैबिनेट में कलह शुरू हो गई है. बेंगलुरु विकास विभाग न मिलने से नाराज वरिष्ठ कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने शपथ लेने के 48 घंटे के भीतर मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. सीएम डीके शिवकुमार ने यह रसूखदार विभाग अपनी पसंद के क्लीन इमेज वाले वोक्कालिगा नेता कृष्णा बायरे गौड़ा को सौंप दिया है.

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Shesh Bharat: कर्नाटक में डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली नई कांग्रेस सरकार को सत्ता संभाले अभी ठीक से दो दिन भी नहीं बीते हैं कि कैबिनेट के भीतर विभागों के बंटवारे को लेकर बड़ा सियासी घमासान छिड़ गया है. गत 3 जून को ही मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेहद सोच-समझकर अपने 13 मंत्रियों की टीम तैयार की थी और उन्हें पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई थी. लेकिन शपथ ग्रहण के महज 48 घंटे के भीतर ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता और आठ बार के विधायक रामलिंगा रेड्डी ने कैबिनेट से इस्तीफा देकर पूरी सरकार की नींव हिला दी है.