गुजरात में तो शराब पर बैन है फिर गांधीनगर की ‘गिफ्ट सिटी’ में ऐसा क्या खास है कि यहां मिलेगी?

अभिषेक गुप्ता

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Gift City: गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी (GIFT) में लीकर यानी शराब एक्सेस परमिट/अस्थायी परमिट के लिए नई गाईडलाइन जारी हुई है. गिफ्ट सिटी मे काम करने वाले कर्मचारी और ऑफिशियल काम के लिए आने वाले विजिटर जो अधिकृत परमिट धारक हैं, को शराबबंदी कानून से छूट देते हुए अब ‘वाइन एंड डाइन’ की सुविधा उपलब्ध होगी.

शनिवार को प्रदेश के गृह विभाग द्वारा जारी एक अधिसूचना के मुताबिक, GIFT सिटी आने वाला व्यक्ति शराब के एक्सेस के लिए अब अस्थायी परमिट ले सकता है. गुजरात में दशकों से शराब पर बैन लागू है पर अब इस GIFT सिटी में प्रतिबंध हट रहा है. आइए आपको बताते हैं क्या है GIFT सिटी और शराब के लिए परमिट लेने के क्या है नए नियम.

गुजरात सरकार ने GIFT सिटी में ‘वैश्विक कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने’ के लिए पिछले सप्ताह इस क्षेत्र में शराब से प्रतिबंध को हटा दिया था. नए नियमों के अनुसार, GIFT सिटी में मौजूदा और नए होटलों, रेस्तरां और क्लबों को ‘वाइन एंड डाइन’ सुविधा प्रदान करने के लिए परमिट दिए जाएंगे. अब शराब के सेवन और बेचने के लिए लाइसेंस को लेकर नियम जारी किए गए है.

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पहले शराब के लिए परमिट लेने की प्रक्रिया जानिए

गुजरात सरकार की अधिसूचना के अनुसार, गिफ्ट सिटी में स्थित कोई इकाई अगर शराब का लाइसेंस चाहती है तो उसे मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधीक्षक, गांधीनगर में आवेदन करना होगा और लाइसेंस गिफ्ट सुविधा समिति के उचित सत्यापन और निर्णय के बाद जारी किया जाएगा. यह समिति इस आदेश की व्याख्या के संबंध में अंतिम प्राधिकारी है. समिति से मंजूरी मिलने के बाद मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधीक्षक लाइसेंस जारी कर देंगे. इसके तहत निर्दिष्ट क्षेत्र में शराब परोसने की अनुमति दी जाएगी. यह लाइसेंस शुरुआत में एक से पांच साल के लिए जारी किया जाएगा और बाद में इसे और पांच साल तक के लिए नवीनीकृत किया जा सकता है. इस लाइसेंस की कीमत एक लाख रुपये सालाना होगी और इसकी सिक्युरिटी जमा राशि दो लाख रुपये होगी.

ये हैं परमिट के लिए अहर्ताएं और नियम

1- लीकर एक्सेस परमिट/अस्थायी परमिट प्राप्त करने वाले व्यक्ति की आयु 21 वर्ष से अधिक होनी चाहिए.

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2- लीकर एक्सेस परमिट प्राप्त करने से पहले, मौजूदा कानूनों और नियमों का पालन करने की गारंटी देनी होगी.

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3- लीकर एक्सेस परमिट प्राप्त व्यक्ति को को GIFT सिटी से नौकरी छोड़ने के बाद अपना परमिट रद्द करवाना होगा.

4- परमिट धारक को शराब पीने के बाद अपना परमिट और बिल साथ में रखना होगा. यदि सक्षम प्राधिकारी परमिट के जांच की मांग करता है, तो उसे प्रस्तुत करना होगा.

5- एक बार परमिट बनने पर यह एक हजार रुपए प्रति वर्ष की फीस के साथ दो सालों के लिए मान्य रहेगी. इसमे सबसे जरूरी बात ये है कि ये परमिट अस्थायी होगा.

अब जानिए क्या है GIFT सिटी

GIFT सिटी यानी गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी, भारत के गुजरात राज्य के गांधीनगर जिले में स्थित एक केंद्रीय व्यापारिक जिला है. यह भारत की पहली परिचालित स्मार्ट सिटी और अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है. इसकी स्थापना 2007 में गुजरात सरकार ने की थी. इसका उद्देश्य भारत को एक प्रमुख वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में स्थापित करना है. GIFT सिटी वैश्विक स्तर के बुनियादी ढांचे और सुविधाओं से लैस है जिसमें एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एक रेलवे स्टेशन, एक बंदरगाह, और एक वित्तीय बाजार शामिल हैं.

GIFT सिटी में कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान के ऑफिस हैं, जिनमें HSBC, JP Morgan, और Barclays शामिल हैं. वर्तमान में यह शहर भारत में वित्तीय सेवाओं के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

राज्य बनने के बाद ही गुजरात में बैन है शराब

गुजरात के महाराष्ट्र से अलग होकर नया राज्य बनने के बाद से ही (1965) प्रदेश में मादक पेय पदार्थों (शराब) के उत्पादन, भंडारण, बिक्री और उपभोग पर प्रतिबंध है. कानून के तहत शराब का कारोबार करते पाए गए व्यक्ति को सात से 10 साल की जेल की सजा और यदि किसी की शराब पीने से मृत्यु होती है तो शराब बेचने वाले के लिए मौत की सजा का प्रावधान है.

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