Charchit Chehra: 3 बार सीएम रेस में रहे सबसे आगे, फिर भी क्यों नहीं मिला पद? जानिए कौन हैं मल्लिकार्जुन खरगे जिन्हें कर्नाटक में कहा जाता है 'सोलिल्लादा सरदारा'?
Charchit Chehra Mallikarjun Kharge: मल्लिकार्जुन खरगे की कहानी संघर्ष, राजनीति और कई बड़े मोड़ों से भरी है. बचपन में दंगों की त्रासदी झेलने से लेकर कर्नाटक की राजनीति में लगातार चुनाव जीतने और तीन बार मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे रहने के बावजूद सीएम न बन पाने तक, जानिए कैसे खरगे ने लंबा राजनीतिक सफर तय कर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद हासिल किया.
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जाति...वो पहचान है जिसे इंसान चाहकर भी कभी बदल नहीं सकता. लेकिन, इतिहास ऐसे नामों से भरा पड़ा है कि जिन्होंने जाति की बनाई सीमाएं तोड़कर टॉप पोजिशन हासिल की. देश की राजनीति में आज एक ऐसा ही नाम गूंज रहा है, मल्लिकार्जुन खरगे का. एक ऐसा व्यक्ति जिसने जाति की बंदिशों, राजनीति की बेड़ियों और बचपन के सबसे खौफनाक दंगों के जख्मों को पीछे छोड़ते हुए देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के अध्यक्ष बनने का सफर तय किया. लेकिन आज उसी नेता के साथ हुई एक घटना ने देश की राजनीति को हिलाकर रख दिया है. मल्लिकार्जुन खरगे पिछले 57 सालों से सक्रिय राजनीति में हैं. चुनावी राजनीति करते हुए 54 साल हो चुके. 84 साल की उम्र में खरगे को झेलना पड़ रहा है कि वो दलित हैं. हालांकि दलित होने की सजा उन्होंने पहले भी भुगती लेकिन वो सजा ऐसी नहीं राजनीतिक गुणा-गणित में उलझी थी.
