थोक में सांसद देने वाले मिथिला क्षेत्र की केंद्रीय बजट में अनदेखी, कहीं नीतीश कुमार को पड़ न जाए भारी, समझिए
Union Budget for Bihar: मोदी सरकार के इस बजट में बिहार को मिली सौगातों की झड़ी के तौर पर देखा जा रहा है लेकिन इसने एक बार फिर मिथिला क्षेत्र की अनदेखी की नई बहस छेड़ दी है. जबकि इस क्षेत्र ने थोक के भाव में NDA को सीटे जिताई हैं और मोदी सरकार 3.0 के गठन में अहम भूमिका निभाई है.
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Union Budget for Bihar: केंद्रीय बजट में बिहार को मिली सौगातों की खूब चर्चा हो रही है. हालांकि विपक्ष इस बजट को 'सरकार बचाने वाला' और 'डरा हुआ बजट' बता रहा है. वैसे अगर हम विपक्ष के आरोपों पर नजर डालें तो उनकी बात में दम दिखाई देता है. मोदी सरकार 3.0 के इस पहले बजट में बिहार, उसमें भी नीतीश कुमार की छाप साफ नजर आ रही है. केंद्र सरकार ने नीतीश कुमार के राज्य बिहार के लिए दिल खोलकर योजनाओं का ऐलान किया है. हालांकि इसमें ये योजनाएं बिहार के कुछ रीजन को ही कवर कर रही है. प्रदेश का एक बड़ा मिथिला रीजन जहां से NDA के सर्वाधिक सांसद चुनकर दिल्ली गए है इस बजट में उस क्षेत्र के लिए कुछ खास नहीं है. इसी बात ने प्रदेश में मिथिला रीजन की अनदेखी की बहस छेड़ है. आइए इसी बात को समझते है.