बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के कथित अपमान पर सियासी संग्राम, PM मोदी के आरोप पर ममता बनर्जी ने पुरानी फोटो दिखाकर किया पलटवार

President Droupadi Murmu West Bengal Visit Controversy: पश्चिम बंगाल की राजनीति में राष्ट्रपति के कथित अपमान को लेकर बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीएमसी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान का आरोप लगाया, जबकि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पुरानी तस्वीर दिखाकर पलटवार किया. इस विवाद ने चुनाव से पहले बंगाल की राजनीति को और गर्मा दिया है.

President Droupadi Murmu West Bengal Visit Controversy
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President Droupadi Murmu West Bengal Visit Controversy: पश्चिम बंगाल की राजनीति में केंद्र और राज्य सरकार के बीच टकराव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे के दौरान कथित तौर पर हुए "अपमान" को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आमने-सामने हैं. जहां पीएम मोदी ने टीएमसी पर राष्ट्रपति के अपमान का आरोप लगाया, वहीं ममता बनर्जी ने एक पुरानी तस्वीर साझा कर प्रधानमंत्री पर ही राष्ट्रपति के अनादर का आरोप लगा दिया है. ये मामला ऐसे समय में समाने आया है जब इसी साल बंगाल में विधानसभा चुनावों हाेने हैं.

पीएम मोदी ने टीएमसी पर लगाया अपमान का आरोप

इंटरनेशनल विमेंस डे पर दिल्ली में एक इवेंट में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल सरकार पर कड़ा प्रहार किया. पीएम ने कहा कि TMC सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान किया है, जो खुद एक आदिवासी कम्युनिटी से आती हैं. उन्होंने कहा आज, जब देश इंटरनेशनल विमेंस डे मना रहा है और  ये बहुत चिंता की बात है कि कल ही पश्चिम बंगाल में TMC सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का बहुत बड़ा अपमान किया.  उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के लोग एक महिला, एक आदिवासी और राष्ट्रपति का अपमान करने के लिए TMC को कभी माफ नहीं करेंगे.

ममता बनर्जी का पुरानी तस्वीर से दिया जवाब

प्रधानमंत्री के आरोपों पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मार्च 2024 की एक तस्वीर दिखाई. इस तस्वीर में लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न दिए जाने के दौरान राष्ट्रपति मुर्मू खड़ी नजर आ रही हैं, जबकि पीएम मोदी बैठे हुए हैं. ममता ने कहा कि जो लोग हमें अपमान की बात सिखा रहे हैं, वे खुद राष्ट्रपति का सम्मान नहीं करते. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार संविधान और राष्ट्रपति पद का पूरा सम्मान करती है और भाजपा इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है.

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प्रोटोकॉल में चूक के आरोपों पर ये कहा

इसके साथ ही प्रोटोकॉल में चूक के आरोपों के जवाब का देते हुए ममता बनर्जी ने प्रेसिडेंट मुर्मू पर BJP की सलाह पर बोलने का आरोप लगाया और मणिपुर और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में आदिवासियों पर हो रहे कथित अत्याचारों पर उनकी चुप्पी पर सवाल उठाया. उन्होंने  कहा कि जिस इवेंट में प्रेसिडेंट शामिल हुए थे, उसे राज्य सरकार ने ऑर्गनाइज़ नहीं किया था और कहा कि सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ने एडमिनिस्ट्रेशन को रिप्रेजेंट किया था.

ममता बनर्जी ने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार को प्रेसिडेंट के प्रोग्राम की डिटेल्स के बारे में नहीं बताया गया था और प्राइवेट ऑर्गनाइज़र्स ने उनसे सलाह नहीं ली थी. उन्होंने कहा कि वेन्यू पर कचरे से जुड़े कोई भी मुद्दे, ग्रीन रूम की समस्या या महिलाओं के टॉयलेट की कमी की जिम्मेदारी इवेंट ऑर्गनाइजर्स और एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया की होनी चाहिए जिनकी जमीन पर ये प्रोग्राम हुआ था.

प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

अब इस मामले को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल सरकार से मातले की रिपोर्ट मांगी है. केंद्रीय गृह सचिव ने राज्य के मुख्य सचिव से 'ब्लू बुक' के नियमों के उल्लंघन और राष्ट्रपति के आगमन पर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राज्य के पुलिस महानिदेशक की गैरमौजूदगी पर सफाई मांगी गई है. इसके साथ ही कार्यक्रम स्थल और रास्ते में इंतजामों में कथित कमियों के बारे में भी पूछा है.

क्या है पूरा विवाद?

यह विवाद शनिवार को तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नॉर्थ बंगाल के अपने दौरे के दौरान बागडोगरा के पास 9वें इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस के इंतजामों पर नाखुशी जताई थी. उन्होंने इवेंट के जगह बदलने के फैसले पर सवाल उठाया था और अपने दौरे के दौरान सीएम ममता बनर्जी और राज्य के मंत्रियों की गैरमौजूदगी पर भी ध्यान दिलाया था. राष्ट्रपति ने कहा था कि आम तौर पर, जब प्रेसिडेंट आ रही होती हैं तो CM को उनका स्वागत करना चाहिए और दूसरे मंत्रियों को मौजूद रहना चाहिए. उन्होंने ये भी कहा कि अगर प्रोग्राम पहले वाली जगह पर होता तो ज़्यादा लोग आ सकते थे. अगर प्रोग्राम वहीं होता तो बेहतर होता. मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां मीटिंग की इजाजत क्यों नहीं दी. राष्ट्रपति ने आगे कहा कि ममता बनर्जी उनकी छोटी बहन जैसी हैं और वो खुद भी बंगाल की बेटी हैं.

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