Shesh Bharat: रमजान छुट्टी पर सियासी संग्राम, तेलंगाना में ‘तुष्टीकरण’, आंध्र में ‘भाईचारा’ क्यों?

तेलंगाना में रमजान के दौरान मुस्लिम कर्मचारियों को जल्दी छुट्टी देने के फैसले पर बीजेपी ने तुष्टीकरण का आरोप लगाया. लेकिन आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू सरकार के समान आदेश पर चुप्पी साध ली गई. एक जैसे फैसलों पर अलग-अलग प्रतिक्रियाओं ने दक्षिण की राजनीति में 'तुष्टीकरण बनाम भाईचारा' की नई बहस छेड़ दी है.

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तेलंगाना की खबर
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Shesh Bharat: क्या सेक्युलरिज्म का मतलब सिर्फ एक धर्म को रियायत देना है? आज यही सवाल दक्षिण भारत की सियासत में गूंज रहा है. तेलंगाना की रेवंत रेड्डी सरकार ने रमजान के लिए ऑफिस टाइमिंग क्या घटाई, बीजेपी ने इसे शरिया शासन की ओर बढ़ता कदम बता दिया. लेकिन ट्विस्ट तब आया जब आंध्र प्रदेश की चंद्रबाबू सरकार ने भी ठीक वैसा ही आदेश जारी किया. रमजान का महीना शुरू हो गया है. ये वही महीना है जो बीजेपी को पॉलिटिकली परेशान करता है. वो भी दक्षिण के उन दो राज्यों में जहां उसका न शासन है, न काबू में आने वाली सरकारें. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना कहने के लिए तो दो अलग राज्य हैं लेकिन कल्चर, लोग, भाषा सब एक है. आंध्र में करीब 10 परसेंट मुसलमान हैं तो तेलंगाना में करीब 13 परसेंट. रमजान का महीना आते ही सरकारों ने अपनी जवाबदेही मान ली है कि मुसलमान भाइयों पर तोहफों की बरसात करें लेकिन इस पर छिड़ी सियासी जंग अब 'तुष्टीकरण' बनाम 'भाईचारा' की बहस में तब्दील हो गई है.