अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा में किसको मिला न्योता, किसे बुलावा नहीं, कौन-कौन जाएगा?

अभिषेक गुप्ता

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Ram Mandir
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Ram Mandir: अयोध्या में बन रहा राम मंदिर अब लगभग अंतिम चरण में है. नए साल की 22 जनवरी को मंदिर में राम लला का प्राण प्रतिष्ठा समारोह होना है जिसे लेकर देश भर में चर्चा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में हिस्सा लेंगे. इसी बीच राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इस समारोह में आने वाले अतिथियों के बारे में बताया है. वहीं कुछ नेताओं का इसमे शामिल होने और न होने को लेकर बयान भी आया है. आइए आपको बताते हैं की रामलला के प्राण प्रतिष्ठा में किसे मिला है न्योता और कौन बता रहा इसे राजनैतिक कार्यक्रम.

राम मंदिर ट्रस्ट महासचिव चंपत राय ने बीते दिन यानी बुधवार को बताया कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में ऐसी कोशिश की गई है कि भारत के हर परंपरा के संत आए और प्रत्येक राज्य का प्रतिनिधित्व हो. 22 जनवरी के लिए लगभग 4000 संतो को आमंत्रित किया गया है. 125 परंपराओं के संत, 13 अखाड़े, 6 दर्शन के दर्शनाचार्य के साथ ही 2200 गृहस्थों को भी निमंत्रित किया गया है. आचार्य महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरि जी महाराज, हरिद्वार निर्मल समाज के संत ज्ञान देव जी, बाबा रामदेव, केरल की आनंदमयी मां, दलाई लामा, रामानंदाचार्य, रामभद्राचार्य और श्री ज्ञानी रणजीत सिंह जी ‘जत्थेदार तख्त श्री पटना साहिब को भी आमंत्रित किया गया है.

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वही पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा, अमिताभ बच्चन, माधुरी दीक्षित, राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल फिल्म डायरेक्टर मधुर भंडारकर ,प्रसून जोशी, सिंगर गुरदास मान, चित्रकार वासुदेव कामत को बुलाया गया है. कई मीडिया हाउस के मालिकों वहीं वें पत्रकार जो 1984 से 1992 के दौर में सक्रिय थे उन्हें भी बुलाया गया है. केन्द्रीय आर्म फोर्स CRPF और उत्तर प्रदेश पुलिस के साल 1992 में रहे अफसरों को भी बुलाया गया है.

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सांसद डिम्पल यादव ने भी शामिल होने की जताई इच्छा

समाजवादी पार्टी से मैनपुरी से सांसद डिम्पल यादव ने पिछले दिनों मीडिया से बात करते हुए कहा कि, हमें अभी तक आमंत्रित नहीं किया गया है. लेकिन अगर हमें अयोध्या में राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण नहीं मिलता है तब भी हम निर्धारित तिथि के बाद हर हाल में मंदिर जाएंगे. उन्होंने आगे कहा कि पूजा और आस्था को राजनीति से नहीं बांधना चाहिए.

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शरद पवार को नहीं मिला न्योता

वही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी(NCP) के सुप्रीमो शरद पवार ने बताया हैं कि उन्हें मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण ही नहीं आया है. वही पवार ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल है कि क्या बीजेपी इस मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक या व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए कर रही है? वैसे हमें इस बात की खुशी है कि मंदिर बन रहा है, जिसके लिए कई लोगों ने योगदान दिया.

उद्धव को किसी निमंत्रण की जरूरत नहीं: संजय राऊत

उधर शिवसेना उद्धव गुट से राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने राम मंदिर के समारोह में उद्धव ठाकरे के शामिल होने के सवाल पर कहा कि, उद्धव ठाकरे को अयोध्या जाने के लिए निमंत्रण की कोई आवश्यकता नहीं है. हम बीजेपी से पहले अयोध्या में हैं. संजय राउत ने आगे कहा कि ‘विश्व हिंदू परिषद’ के प्रमुख अशोक सिंघल मुंबई में ठाकरे आवास मातोश्री में बैठकें किया करते थे और उस वक्त बीजेपी वहां थी ही नहीं.

TMC का कोई भी सदस्य नहीं होगा शामिल

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सूत्रों के मुताबिक 22 जनवरी को होने वाले कार्यक्रम में न तो ममता बनर्जी और न ही पश्चिम बंगाल सरकार या पार्टी का कोई प्रतिनिधि मौजूद रहेगा. TMC के एक वरिष्ठ नेता ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि, ‘ममता बनर्जी या टीएमसी के किसी अन्य प्रतिनिधि के अगले महीने अयोध्या में राम मंदिर उद्घाटन में शामिल होने का कोई सवाल ही नहीं है. हम राजनीति को धर्म के साथ मिलाने में विश्वास नहीं करते हैं.

प्राण प्रतिष्ठा में आए अतिथियों को ट्रस्ट देगा खास उपहार

प्राण प्रतिष्ठा समारोह में ट्रस्ट की तरफ से आमंत्रित अतिथियों को खास तोहफा दिया जाएगा. अतिथियों को रामलला के प्रसाद के साथ गीता प्रेस की किताबें भी उपहार में दी जाएंगी. गीता प्रेस में 10 हजार अतिथियों के लिए ‘अयोध्या दर्शन’ नाम से किताब छापी जा रही हैं. किताब के कवर पर राम का चित्र होगा जो गीता प्रेस के लीला चित्र मंदिर से लिया गया है. 120 पृष्ठ के किताब में अयोध्या दर्शन के बारे में सम्पूर्ण जानकारी होगी.

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