बीजेपी हो या कांग्रेस...तमिलनाडु चुनाव में किसी भी बड़ी पार्टी ने ब्राह्मण उम्मीदवार को क्यों नहीं दिया टिकट? समझिए इनसाइड स्टोरी
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में करीब 35 साल बाद ऐसा हो रहा है जब डीएमके, एआईएडीएमके और बीजेपी जैसी बड़ी पार्टियों ने किसी भी ब्राह्मण को टिकट नहीं दिया है. ओबीसी और दलित वोटों को साधने के चक्कर में इन दलों ने ब्राह्मणों से दूरी बना ली है.
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Tamil Nadu Election
Shesh Bharat: तमिलनाडु की सियासत में इस बार बड़ा उल्टफेर देखने को मिल रहा है. चुनाव के मद्देनजर ना सिर्फ DMK और कांग्रेस बल्कि AIADMK और BJP तक ने किसी ब्राह्मण को अपना प्रत्याशी नहीं बनाया है. अब आप सोच रहे हैं इससे क्या होगा? कितना असर होगा? नहीं बनाया तो नहीं बनाया, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है. करीब साढ़े तीन दशक में पहली बार ऐसा हो रहा है जब अन्नाद्रमुक (DMK) ने किसी ब्राह्मण को टिकट नहीं दिया है. और बात सिर्फ एक पार्टी की नहीं, सभी पार्टियों ने अमूमन ऐसा ही किया है. अब इसके पीछे की राजनीति को समझिए...समझिए कि सियासत में ब्राह्मण राजनीति पूरी तरह से हाशिए पर जाने से तमिलनाडु में किसे फायदा? सबसे बड़ा सवाल कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में कोई भी दल ब्राह्मण को क्यों टिकट नहीं देना चाहते हैं?