Shesh Bharat: तेलंगाना में दल-बदल पर बड़ा फैसला, बीआरएस को झटका, कांग्रेस गदगद!

तेलंगाना विधानसभा स्पीकर ने बीआरएस छोड़कर कांग्रेस में आए 5 विधायकों की सदस्यता रद्द करने की याचिका खारिज कर दी है. इस फैसले से रेवंत रेड्डी सरकार मजबूत हुई है.

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revanth reddy
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Telangana Politics: हरियाणा के विधायक गया लाल ने एक दिन में तीन-तीन बार पार्टियां न बदली होती तो आया राम गया राम मुहावरा न बनता और न नौबत आती दल-बदल कानून की. चुनाव जीतने के बाद सांसदों-विधायकों के दल-बदल करने से सभी पार्टियों को नुकसान भी होता रहा, फायदा भी. फिर भी किसी ने इसके लिए कुछ किया नहीं. 1985 में राजीव गांधी की सरकार ने कांग्रेस के नफा-नुकसान की परवाह किए बिना दल-बदल कानून बना दिया. आगे जाकर कानून में बदलाव होते रहे. आज कानून ये है कि एक तिहाई से कम सांसदों-विधायकों ने पलटी मारी तो सदस्यता जाएगी. फिर भी दल-बदल खत्म नहीं हुआ.