Shesh Bharat: 60 साल बाद कांग्रेस को मिला बड़ा बूस्ट, विजय के एक दांव से हिल गई DMK की जमीन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख थलापति विजय 1 जुलाई को एक बड़ी बैठक कर नया सेक्युलर फ्रंट बनाने जा रहे हैं. कांग्रेस, लेफ्ट और VCK जैसे दल DMK का साथ छोड़कर विजय के साथ आ रहे हैं. विजय ने सहयोगियों को सत्ता में हिस्सेदारी देकर स्टालिन के द्रविड़ियन मॉडल को बड़ी चुनौती दी है.
ADVERTISEMENT

thalapathy vijay
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जब किसी को इतनी उम्मीद नहीं थी, तब विजय की नई-नई पार्टी टीवीके ने सत्ता हासिल कर ली. बहुमत से जरा सा चूके लेकिन कांग्रेस, VCK, CPI, CPM और IUML जैसी पार्टियों के समर्थन से राज्य में अपनी सरकार बना ली. जो काम स्टालिन ने नहीं किया वो विजय ने किया. पावर शेयर करके. तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में ये पहली बार हुआ जब सत्ता वाली किसी पार्टी ने अपनी छोटी सहयोगी पार्टियों को सरकार में सीधे मंत्री पद देकर सत्ता की वास्तविक हिस्सेदारी दी. VCK और IUML को कैबिनेट पद दिए गए. इस कदम से छोटे दल TVK के साथ बेहद सहज महसूस कर रहे हैं, जिससे विजय को अपनी गठबंधन राजनीति मजबूत करने में मदद मिली है.