'दलबदलुओं को नकारें...' चुनावी नारा देने वाली पार्टी ही बनी TMC के बागियों का सहारा, जानिए इसका पूरा इतिहास

TMC Rebel MPs News: पश्चिम बंगाल में TMC के 20 बागी सांसदों ने NCPI में विलय का ऐलान कर दिया है. कभी 'दलबदलुओं को नकारें' का नारा देने वाली नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया अब तृणमूल कांग्रेस के बागी नेताओं का नया ठिकाना बन गई है. जानिए NCPI का इतिहास, पार्टी का चुनाव चिह्न, त्रिपुरा से लेकर 20 सांसदों तक का सफर और इस राजनीतिक समीकरण के पीछे की पूरी कहानी.

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West Bengal Politics
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस वक्त तूफान आया हुआ है. विधानसभा चुनाव में TMC की करारी हार के बाद पार्टी को लगातार झटके लग रहे है. इसी बीच TMC के 28 लोकसभा सांसदों में 20 सांसदों ने बागी होकर NCPI यानी नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में विलय का ऐलान कर दिया है. रविवार को बागी सांसदों के एक गुट ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर उन्हें इस विलय का एक आधिकारिक पत्र भी सौंप दिया है. बागी सांसदों की अगुवाई करने वाली काकोली घोष दस्तीदार ने संसद में अलग बैठने की व्यवस्था की भी मांग की है. इस फेर-बदल के साथ ही सवाल उठने लगे है कि क्या है NCPI का इतिहास और क्यों 'दलबदलुओं का नकारें' वाली पार्टी ने TMC के बागियों को सहारा दिया है. विस्तार से जानिए पूरी कहानी.