महिला आरक्षण बिल पर सियासी संग्राम... PM मोदी ने सांसदों को लिखा पत्र तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
Women reservation bill: महिला आरक्षण बिल के संशोधन को लेकर देश की सियासत गरमा गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी दलों से समर्थन मांगा है, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं. अब ऐसे में संसद के विशेष सत्र पर सबकी नजरें टिकी हैं.
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Mahila Aarakshan Bill: महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासत गरम है. इस बिल के संधोधन प्रस्ताव को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी पार्टियों से सपोर्ट मांगा है. उन्होंने सभी दलों को चिट्ठी लिखी है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस पर अपना जवाब दिया है. खरगे ने कहा कि मोदी सरकार विधेयक के बारे में पूरी जानकारी दिए बिना विपक्षी दलों से समर्थन मांग रही है. इससे ये शक मजबूत होता है कि वह महिलाओं को सच में सशक्त नहीं बनाना चाहती है बल्कि इसका राजनीतिक फायदा उठाने के लिए जल्दबाजी कर रही है. जिस बिल में संशोधन को लेकर पीएम मोदी ने राजनीतिक दलों से समर्थन मांगा है, वो नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 है. इसके तहत संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान है. इस बिल को 2023 में संसद से पास कराया जा चुका है. इसी में अब एक नया संशोधन लाया जा रहा है, जिसमें कहा जा रहा है कि इसे 2027 की जनगणना से जोड़ने के बजाय 2011 की जनगणना के आधार पर लागू किया जाएगा. इससे 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले आरक्षण को लागू किया जा सकेगा.इस मुद्दे पर चर्चा के लिए अगले हफ्ते संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है. ये सत्र पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया के बीच 16 से 18 अप्रैल तक चलेगा, इसके बाद 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में वोटिंग होनी है.