Shesh Bharat: कुमारस्वामी को सीएम बनाने पर येदियुरप्पा ने क्यों टाला सवाल?
Shesh Bharat: पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा का 2028 तक बीजेपी-जेडीएस गठबंधन अटूट रहने का बयान दोनों दलों के कैडर का अविश्वास दूर करने और आगामी विधान परिषद चुनावों में सुचारू 'वोट ट्रांसफर' सुनिश्चित करने की सोची-समझी रणनीति है.
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बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा.
Shesh Bharat: राजनीति में कोई भी बयान बेवजह नहीं होता और जब बयान देने वाला नेता बी. एस. येदियुरप्पा जैसा चाणक्य हो, तो समझ लीजिए कि बिसात बहुत दूर की बिछाई जा चुकी है. कर्नाटक में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं, लेकिन येदियुरप्पा ने अभी से चुनावी घेराबंदी शुरू कर दी है! कोई भी सोचेगा कि जब एचडी कुमारस्वामी मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने हुए हैं, जब कर्नाटक विधानसभा में बीजेपी और जेडीएस मिलकर कांग्रेस से भिड़ रहे हैं तो फिर अचानक येदियुरप्पा को यह कहने की जरूरत क्यों पड़ी कि 'हम फ्यूचर के सारे चुनाव साथ लड़ेंगे?' क्या यह सिर्फ एक बयान है, या इसके पीछे जनता के बीच एक होने का भरोसा जगाने की छटपटाहट है?
