पंजाब चुनाव में किसका पलड़ा भारी, चौतरफा मुकाबले में 'AAP' को फायदा या कांग्रेस का खेल खराब? आदेश रावल का बड़ा विश्लेषण

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साप्ताहिक सभा में मिलिंद खांडेकर और आदेश रावल का पंजाब चुनाव पर विश्लेषण. जानिए राहुल गांधी और मनीष तिवारी के बीच क्यों है 'ट्रस्ट डेफिसिट' और पंजाब कांग्रेस में क्यों है तूफान से पहले की शांति. जानिए इस एनॉलिसिस में.

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Punjab Election: पंजाब की सियासत में आगामी चुनाव को लेकर बिसात बिछनी शुरू हो गई है. लोकसभा चुनाव के नतीजों के बाद अब राज्य में चौतरफा और कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है. आम आदमी पार्टी (AAP) अपनी लोक-लुभावन योजनाओं के दम पर सत्ता बचाने की कोशिश में है, तो वहीं कांग्रेस और बीजेपी अपनी नई रणनीतियों के साथ मैदान में उतर चुके हैं. इंडिया टुडे ग्रुप के 'तक' चैनल्स के मैनेजिंग एडिटर मिलिंद खांडेकर ने 'न्यूज़ तक' के साप्ताहिक कार्यक्रम 'साप्ताहिक सभा' (Saptahik Sabha) में वरिष्ठ राजनीतिक पत्रकार आदेश रावल के साथ पंजाब के इसी चुनावी मिजाज, वोट शेयर के आंकड़ों और कांग्रेस के अंदरूनी घमासान का एक बेहद बारीक और इनसाइडर विश्लेषण किया है.