पायलट के गढ़ में होगा मोदी का अगला दौरा, चुनाव को लेकर पीएम का बड़ा गेम प्लान!

PM Modi Visit in Ajmer: कर्नाटक चुनाव के बाद अब बीजेपी का पूरा ध्यान इसी साल के अंत में होने जा रहे राजस्थान विधानसभा चुनावों पर है. यही वजह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रणनीतिक तौर पर सक्रिय नजर आ रहे हैं. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अब उनका अगला दौरा अजमेर […]

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SC vote bank in rajasthan: राजस्थान में चुनौती बने दलित वोट बैंक पर मोदी का बड़ा दांव
SC vote bank in rajasthan: राजस्थान में चुनौती बने दलित वोट बैंक पर मोदी का बड़ा दांव
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PM Modi Visit in Ajmer: कर्नाटक चुनाव के बाद अब बीजेपी का पूरा ध्यान इसी साल के अंत में होने जा रहे राजस्थान विधानसभा चुनावों पर है. यही वजह है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रणनीतिक तौर पर सक्रिय नजर आ रहे हैं. सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक अब उनका अगला दौरा अजमेर में होगा. आगामी 31 मई को पीएम मोदी अजमेर में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. हालांकि उनका यह कार्यक्रम फिलहाल अधिकृत रूप से जारी नहीं किया गया है.

पार्टी के सूत्रों का कहना है कि पूरा कार्यक्रम तय हो चुका है. बीजेपी पीएम के दौरे की तैयारियों में जुट चुकी है. प्रदेश अध्यक्ष सीपी जोशी आज शाम अजमेर पहुंच रहे हैं और यहां वे पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे. प्रधानमंत्री की इस प्रस्तावित यात्रा के मद्देनजर तैयारियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी करेंगे.

गौरतलब है कि राजस्थान में 6 महीने बाद विधानसभा चुनाव होने हैं. एक तरफ कांग्रेस फेस वार से जूझने के बावजूद जन-जन तक अपनी योजनाएं पहुंचने में जुटी है. वहीं, बीजेपी भी गहलोत सरकार के विरोध में एंटी इनकंबेसी का माहौल तैयार कर पाने में नाकाम दिख रही है. पार्टी से अलग पूर्व सीएम वसुंधरा राजे भी प्रदेशभर में अपने जातिगत समीकरण के साथ कई क्षेत्रों को साधने की कोशिश में है. चाहे वह हाल की नागौर की सभा में जाटों को अपने पाले में कोशिश की हो या झालावाड़ में गुर्जरों को रिश्ता याद दिलाने की. राजे किसी मौके को छोड़ना नहीं चाहती.

पायलट ने की थी पदयात्रा
अहम बात यह भी है कि पीएम मोदी का इस साल चौथे जिले का दौरा होगा. इससे पहले वह 28 जनवरी को भीलवाड़ा के मालासेरी में पहुंचे थे. वहीं, इसी महीने 10 मई को नाथद्वारा (राजसमंद) और सिरोही में दौरे के साथ ही मोदी मेवाड़ से चुनावी बिगुल बजा चुके हैं. अब वह उसी अजमेर में आएंगे, जहां से पूर्व डिप्टी सीएम पायलट ने जन संघर्ष पदयात्रा के जरिए गहलोत सरकार को घेरने की कोशिश की और साथ ही यह क्षेत्र पायलट का गढ़ भी माना जाता है.

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