अमृतसर: भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल बनेगा विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र, पंजाब सरकार खर्च कर रही ₹17.72 करोड़: CM भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमृतसर में महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के प्रगट दिवस पर राज्य स्तरीय समारोह में शिरकत की. सीएम मान ने भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए ₹17.72 करोड़ के प्रोजेक्ट्स की घोषणा की और नफरत मुक्त समाज का संदेश दिया.

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तस्वीर: सीएम भगवंत मान के सोशल मीडिया x से.
तस्वीर: सीएम भगवंत मान के सोशल मीडिया x से.
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आदि कवि और संस्कृत साहित्य के पितामह महर्षि भगवान वाल्मीकि के पवित्र प्रगट दिवस (प्रकाश पर्व) के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अमृतसर स्थित भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल (राम तीर्थ) में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में शिरकत की. इस पवित्र भूमि पर नतमस्तक होते हुए मुख्यमंत्री ने देश-विदेश में रहने वाले सभी श्रद्धालुओं को प्रगट दिवस की बधाई दी.

समारोह के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि पंजाब सरकार भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने और इसके सौंदर्यीकरण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 17.72 करोड़ रुपये खर्च कर रही है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य धार्मिक स्थानों की पवित्रता को बनाए रखते हुए यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त वातावरण तैयार करना है.

'पंजाब में नफरत का बीज नहीं उग सकता' 

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने समाज में शांति, सांप्रदायिक सद्भाव और भाईचारे पर विशेष बल देते हुए कहा- 

"पंजाब की पावन धरती पर हर प्रकार का बीज अंकुरित हो सकता है, लेकिन नफरत का बीज इस पवित्र धरती पर कभी नहीं उग सकता. हमारी सरकार समानता, मानवता और धर्म के उस मार्ग पर चल रही है जो गुरुओं और संतों ने हमें दिखाया है."

इसके साथ ही उन्होंने यह बड़ा बयान दिया कि धार्मिक स्थानों और संस्थाओं का प्रबंधन राजनेताओं के बजाय धार्मिक हस्तियों, विद्वानों और संबंधित धार्मिक समुदायों द्वारा ही किया जाना चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि धार्मिक संस्थाओं में किसी भी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए.

तीर्थ स्थल के विकास के लिए 17.72 करोड़ रुपये का खाका 

भगवंत मान सरकार द्वारा भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण विकास कार्य करवाए जा रहे हैं- 

मुख्य मंदिर का सौंदर्यीकरण: मुख्य मंदिर परिसर की मरम्मत और सौंदर्यीकरण का काम तेजी से जारी है.

साउंड व सुरक्षा व्यवस्था: पूरे परिसर में आधुनिक साउंड सिस्टम लगाया जा रहा है और श्रद्धालुओं की पुख्ता सुरक्षा के लिए सीसीटीवी (CCTV) कैमरे स्थापित किए गए हैं.

पवित्र सरोवर की सफाई: पवित्र सरोवर की सफाई और इसके जल संरक्षण से जुड़े आवश्यक कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे हैं.

सीवरेज व आवासीय सुविधाएं (₹2.60 करोड़): सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) को चालू करने और मंदिर परिसर स्थित सराय (यात्री निवास) में एयर कंडीशनर (AC) लगाने के लिए 2.60 करोड़ रुपये का विशेष बजट रखा गया है.

पूर्व में पूरे किए गए प्रमुख प्रोजेक्ट्स

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि तीर्थ स्थल के कायाकल्प के लिए सरकार पहले भी बड़े कदम उठा चुकी है:

आकर्षक पैनोरमा (₹25 करोड़): वर्ष 2024 में 25 करोड़ रुपये की लागत से महर्षि भगवान वाल्मीकि जी के जीवन, महाकाव्य रामायण और उनकी महान शिक्षाओं को दर्शाने वाला एक भव्य पैनोरमा श्रद्धालुओं को समर्पित किया जा चुका है.

फसाड लाइटिंग (Façade Lighting): तीर्थ स्थल की स्थापत्य कला को निखारने के लिए विशेष फसाड लाइटिंग लगाई गई है, जिससे रात के समय पूरा मंदिर परिसर अलौकिक और आकर्षक दिखाई देता है.

रामायण और महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाओं की प्रासंगिकता 

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मान ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि जी द्वारा रचित अमर महाकाव्य रामायण ने हज़ारों सालों से मानवता को सत्य, न्याय, करुणा और नैतिकता का मार्ग दिखाया है.

सनातन आदर्श: महर्षि वाल्मीकि जी ने एक आदर्श व्यक्ति, एक आदर्श शासक और एक आदर्श समाज के सनातन सिद्धांतों को स्थापित किया.

वर्तमान में प्रासंगिकता: आज के दौर में जब मानवीय रिश्तों पर भौतिकवादी सोच हावी हो रही है, रामायण के आदर्श और महर्षि जी की शिक्षाएं समाज को विभाजनों से ऊपर उठाकर एक समतावादी समाज बनाने की प्रेरणा देती हैं.

ऐतिहासिक महत्व: पंजाब की धरती को यह सौभाग्य प्राप्त है कि महर्षि वाल्मीकि जी ने इसी पावन स्थल पर प्रभु श्री राम जी के पुत्रों, लव और कुश को ज्ञान और शिक्षा दी थी.

'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं 

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना' के तहत राज्य सरकार श्रद्धालुओं को अमृतसर के प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ-साथ भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल के दर्शन की मुफ्त और सुगम सुविधा प्रदान कर रही है. सरकार का संकल्प है कि इस पावन स्थल के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी.

जनता से महर्षि वाल्मीकि जी के दिखाए मार्ग पर चलने का आह्वान 

अंत में, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों से अपील की कि महर्षि भगवान वाल्मीकि जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके दिखाए समानता, करुणा और आपसी सम्मान के मार्ग पर चलें. उन्होंने एक ऐसे समाज के निर्माण का आह्वान किया जहां किसी के साथ भेदभाव न हो और हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का समान अवसर मिले.

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