राजेंद्र गुढ़ा की बर्खास्तगी के बाद बढ़ी मुश्किल! राजपूत समाज चुनाव में बिगाड़ सकता है कांग्रेस का समीकरण?
Rajput against Congress after gudha’s issue: कांग्रेस (Congress) सरकार में बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा (Rajendra gudha) के बाद अब पार्टी के लिए भी मुश्किल खड़ी होती दिख रही है. अब चुनाव के चंद महीने बचे हैं और विधानसभा की सियासत अब सड़कों पर देखने को मिल रही है. मंत्रियों के समर्थक और उनके कार्यकर्ता अलग-अलग […]
ADVERTISEMENT

Rajput against Congress after gudha’s issue: कांग्रेस (Congress) सरकार में बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा (Rajendra gudha) के बाद अब पार्टी के लिए भी मुश्किल खड़ी होती दिख रही है. अब चुनाव के चंद महीने बचे हैं और विधानसभा की सियासत अब सड़कों पर देखने को मिल रही है. मंत्रियों के समर्थक और उनके कार्यकर्ता अलग-अलग तरीके से प्रदर्शन करते दिखाई दे रहे हैं. वहीं, लाल डायरी की सियासत अब कोटा संभाग में भी पहुंच चुकी है और जमकर लोग कोई राजेंद्र गुढ़ा के समर्थन में तो कोई शांति धारीवाल के पुतले जला रहा है.
कोटा में भी राजपूत समाज सड़क पर उतर गया है. करणी सेना के प्रदेश उपाध्यक्ष मनजीत सिंह नाथावत की अगुवाई में युवाओं ने केसरपुरा चौराहे पर मंत्री शांति धारीवाल का जमकर विरोध किया और पुतला जलाया. सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी वहां पर देखने को मिली. वहीं, साथ में हाडौती विकास मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने भी कलेक्ट्री के बाहर टायर जलाकर विरोध प्रदर्शन किया.
उनका कहना है कि कांग्रेस सरकार ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर भी जब-जब संकट आया तब राजेंद्र गुढ़ा सबसे आगे खड़े मिले. मुख्यमंत्री को संकट से बचाने के लिए ही उससे लाल डायरी का जिक्र चल रहा है, जो भी मुख्यमंत्री को जेल जाने से बचाने के लिए राजेंद्र गुढ़ा लेकर आए थे.
करणी सेना ने राजेंद्र गुढ़ा का समर्थन करते हुए कहा कि गहलोत गुढ़ा को संकटमोचक के रूप में दिखाई देते थे, लेकिन एक छोटे से बयान के चलते पल भर में बर्खास्त कर दिया गया. उन्हें अपमानित भी किया गया. उनके साथ मारपीट और अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया. जिससे पूरे राजपूत समाज में गुस्सा आया और साथ में यह भी कहा कि यह चिंगारी ना सिर्फ जयपुर और कोटा बल्कि पूरे राजस्थान में फैलने वाली है. इसका असर आने वाले विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगा।
