जयपुर, कोटा और अजमेर समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी, चक्रवात अर्नब के असर से इन जिलों में होगी मूसलाधार बारिश
Rajasthan Weather Update: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात 'अर्नब' और पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के 29 जिलों में 29-30 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
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दीपावली के मौसम अचानक करवट लेने जा रहा है. बंगाल की खाड़ी में सक्रिय हुए चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का असर अब रेगिस्तानी राज्य राजस्थान तक पहुंच गया है. चक्रवात के प्रभाव से हवाओं की दिशा बदली है और नमी बढ़ने लगी है, जिससे राज्य के कई इलाकों में बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है.
29 और 30 अक्टूबर को बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम और एक नए पश्चिमी विक्षोभ के मिलने से मौसमी गतिविधियां तेज हो गई हैं. 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों का डेरा रहेगा और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है.
- इन संभागों में बरसेंगे बदरा: पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर, अजमेर, कोटा और उदयपुर संभाग के जिलों में मेघगर्जन के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है. इस दौरान 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
- पश्चिमी राजस्थान में भी असर: जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ पूर्वी हिस्सों में भी इन दो दिनों के दौरान कहीं-कहीं हल्की बारिश होने के आसार हैं.
30 अक्टूबर को 29 जिलों में येलो अलर्ट
चक्रवात के असर को देखते हुए मौसम विभाग ने चेतावनी जारी कर दी है. जहां 29 अक्टूबर को जयपुर और कोटा समेत लगभग 18 जिलों में हल्की बारिश की संभावना है, वहीं 30 अक्टूबर को प्रदेश के 29 जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है. विशेष तौर पर अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली और सवाई माधोपुर जैसे पूर्वी जिलों में बारिश का ज्यादा असर देखने को मिल सकता है.
कैसे बदल रहा है राजस्थान का मौसम?
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात 'अर्नब' आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद उत्तर दिशा की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है. इसके प्रभाव से वायुमंडल में नमी का प्रवाह राजस्थान तक पहुंच गया है. इसके साथ ही, एक पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय हो रहा है. इन दोनों प्रणालियों के संयुक्त असर से प्रदेश में नमी बढ़ी है और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं.
तापमान में भारी गिरावट, सीकर सबसे ठंडा
मौसम में आए इस बदलाव का असर अब तापमान पर भी साफ दिखने लगा है. पिछले 24 घंटों में धूप कमजोर रहने से दिन के पारे में करीब 2 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है. वहीं रात के तापमान में भी तेजी से ठंडक बढ़ने लगी है:
- सीकर में न्यूनतम तापमान गिरकर 12.2 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जिससे यह प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका रहा.
- मशहूर हिल स्टेशन माउंट आबू में भी न्यूनतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
- कोटा, अजमेर और टोंक में भी रात के पारे में लगभग 3 डिग्री तक की गिरावट आई है.
आने वाले दिनों में बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से दिन और रात के तापमान में और अधिक गिरावट दर्ज किए जाने की उम्मीद है.
आंध्र प्रदेश के तट पर दिखा तूफान का रौद्र रूप
दूसरी ओर, इस चक्रवाती तूफान का सबसे ज्यादा प्रकोप आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिला है. यह सिस्टम तट की ओर बढ़ते हुए बेहद प्रचंड हो गया था, जहां हवा की रफ्तार 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई थी. तटीय क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और लगातार हालात पर नजर रखी जा रही है.
