जैसलमेर: बेकाबू ट्रक की टक्कर से बाइक सवार पिता की मौत, बाल-बाल बची मासूम बेटी

Jaisalmer news: जैसलमेर के भीड़भाड़ इलाके में घुसे बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार युवक और उसकी 4 साल की बेटी को टक्कर मार दी. हादसे में गंभीर रुप से घायल युवक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना में मासूम बच्ची बाल बाल बच गई. वहीं हादसे […]

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Jaisalmer news: जैसलमेर के भीड़भाड़ इलाके में घुसे बेकाबू ट्रक ने बाइक सवार युवक और उसकी 4 साल की बेटी को टक्कर मार दी. हादसे में गंभीर रुप से घायल युवक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन इलाज के दौरान मौत हो गई. इस घटना में मासूम बच्ची बाल बाल बच गई. वहीं हादसे के बाद लोगों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया. गुस्साए लोगों ने पुलिस व यातायात व्यवस्था को आड़े हाथों लिया. वहीं नारेबाजी करते हुए शव को उठाने से इंकार कर दिया. कई देर तक शव को कोतवाली थाने के आगे रखकर प्रदर्शन किया गया. बाद में पुलिस व प्रशासन की समझाईश के बाद शव उठाने को राजी हुए. बाद में पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के सुर्पुद किया. पुलिस ने ट्रक को सीज कर दिया व ड्राईवर को गिरफ्तार कर लिया.

लोगों का आरोप है कि रिहायशी इलाकों में आए दिन ट्रांसपोर्ट के ट्रक व सेना के बड़े वाहनों के आने से हो रही असुविधा होती है. स्थानीय लोगों द्वारा इन्हें रोकने के लिए पिछले कई समय से मांग की जा रही थी. लेकिन ट्रकों की आवाजाही लगातार जारी थी, उसके बाद आज यह बड़ा हादसा हो गया.

जानकारी के अनुसार जैसलमेर शहर के तालरिया पाड़ा निवासी जगदीश पुत्र कालू सिंह भाटी (32) अपनी 4 साल की पुत्री रुहिका को बाइक पर स्कूल से छुट्टी होने पर लेकर लौट रहा था. इसी दौरान एस.बी.आई बैंक चैराहे के पास दूसरी तरफ से आ रहा ट्रांसपोर्ट का ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर बाइक को टक्कर मार दी. जिससे ट्रक का एक चक्का युवक के ऊपर से निकल गया. वहीं बाइक पर बैठी चार साल की बच्ची दूसरी तरफ गिरने से बाल बाल बच गई. उधर गंभीर अवस्था में घायल जगदीश की जवाहर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई.

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घटना की जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची. ड्राईवर को गिरफ्तार किया व शव को मोर्चरी में रखवाया गया. वहीं इस घटना की जानकारी मिलने पर आमजन में आक्रोश फैल गया. बड़ी संख्या में लोग मोर्चरी के आगे इकट्ठा हो गए और शव उठाने से इंकार कर दिया. जिम्मेदार पुलिस कर्मियों को सस्पेंड करने की मांग करने लगे. हालांकि पुलिस व प्रशासन के अधिकारी समझाईश करने लगे. मामला बढ़ने पर पुलिस उपअधीक्षक प्रियंका कुमावत भी मौके पर पहुंची व प्रदर्शनकारियों से समझाईश की. इसके बाद उन्हें उचित न्याय दिलाने का आश्वासन दिया. बाद में समझाईश व आश्वासन के बाद के लोग शव उठाने को राजी हुए.

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