साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का सच आया सामने, पुलिस रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

Sadhvi Prem Baisa Death Update: जोधपुर की साध्वी प्रेम बाईसा की मौत मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मृत्यु हार्ट और फेफड़ों के रुकने (कार्डियक अरेस्ट) से हुई है. जांच में जहर या किसी साजिश के सबूत नहीं मिले हैं.

Sadhvi Prem Baisa SIT Report
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Sadhvi Prem Baisa Death Update: राजस्थान के जोधपुर में चर्चित साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने स्थिति साफ कर दी है. पुलिस जांच और मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, साध्वी की मौत के पीछे कोई जहर या आपराधिक साजिश नहीं थी.

शनिवार को पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश पासवान ने इस मामले पर आधिकारिक अपडेट देते हुए बताया कि साध्वी की मृत्यु 'कार्डियक और पल्मोनरी अरेस्ट' (दिल और फेफड़ों का काम बंद करना) की वजह से हुई है.

मेडिकल रिपोर्ट में क्या निकला?

पुलिस के अनुसार, FSL और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट में किसी भी तरह के जहरीले पदार्थ के अंश नहीं मिले हैं. रिपोर्ट ने उन आशंकाओं को भी खारिज कर दिया है, जिनमें यौन शोषण की बात कही जा रही थी. कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि बाहरी चोट या जहर जैसा कोई भी कारण मौत की वजह नहीं बना है.

इंजेक्शन को लेकर उठे सवाल

जांच के दौरान सामने आया कि एक नर्सिंगकर्मी ने साध्वी को शेड्यूल-एच श्रेणी का इंजेक्शन लगाया था. ऐसे इंजेक्शन केवल अधिकृत डॉक्टर की पर्ची पर ही लगाए जा सकते हैं.

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पुलिस के मुताबिक, इंजेक्शन देवी सिंह नामक व्यक्ति द्वारा लाया गया था. हालांकि अब तक उस दवा से जुड़ी कोई वैध पर्ची नहीं मिली है. जब पुलिस कमिश्नर से पूछा गया कि क्या इंजेक्शन की वजह से कार्डियक और पल्मोनरी अरेस्ट हुआ, तो उन्होंने कहा कि इस पर विशेषज्ञों की राय अभी आना बाकी है.

क्या होगी कानूनी कार्रवाई?

पुलिस का कहना है कि विशेषज्ञ मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी. अगर लापरवाही या नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो बीएनएस और चिकित्सा नियमों के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है. गैर इरादतन हत्या की धाराएं लगाने के सवाल पर भी पुलिस ने कहा कि सभी विकल्प खुले हैं.

SIT जांच में क्या सामने आया?

इस मामले की जांच एसआईटी कर रही है. अब तक 44 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं. साथ ही 106 मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल्स की जांच की गई है. पुलिस ने बताया कि साध्वी के पिता ने घटना के बाद लोगों को फोन कर इकट्ठा होने के लिए कहा था. हालांकि जांच में उनकी कोई आपराधिक भूमिका सामने नहीं आई है.

पहले दर्ज मामलों से कोई कनेक्शन नहीं

कमिश्नर ने यह भी साफ किया कि साध्वी द्वारा पहले दर्ज कराए गए मामलों से जुड़े किसी व्यक्ति की इस मौत में भूमिका नहीं मिली है. साध्वी की मौत के करीब 4 घंटे इंस्टाग्राम पर न्याय की मांग वाला जो संदेश वायरल हुआ था, वह भीड़ जुटाने के लिए लिखा गया था. फिलहाल जांच जारी है और एक्सपर्ट रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.

जोधपुर: साध्वी साध्वी प्रेम बाईसा केस में बड़ा मोड़, FSL रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा!

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