Rajasthan: वसुंधरा राजे के पड़ोसी बने गहलोत, बोले- 'रिमोट से चल रही है सरकार, CM से ज्यादा डिप्टी सीएम पावरफुल'

Rajasthan: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को सीएम आवास छोड़कर सिविल लाइंस स्थिति बंगला नंबर 49 मे्ं शिफ्ट हो गए. जो कि वसुंधरा राजे के बंगले के ठीक सामने हैं. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला.

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Rajasthan: वसुंधरा राजे के पड़ोसी बने गहलोत, बोले- 'रिमोट से चल रही है सरकार, CM से ज्यादा डिप्टी सीएम पावरफुल'
Rajasthan: वसुंधरा राजे के पड़ोसी बने गहलोत, बोले- 'रिमोट से चल रही है सरकार, CM से ज्यादा डिप्टी सीएम पावरफुल'
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Rajasthan: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शुक्रवार को सीएम आवास छोड़कर सिविल लाइंस स्थिति बंगला नंबर 49 मे्ं शिफ्ट हो गए. जो कि वसुंधरा राजे के बंगले के ठीक सामने हैं. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला. उन्होंने राजस्थान में बीजेपी की सरकार को रिमोट कंट्रोल वाली सरकार बता दिया. उन्होंने यहां तक कह दिया कि सीएस सुधांशु पंत  'डी फेक्टो'  सीएम बता दिया. इसके अलावा उन्होंने कहा कि सीएम से ज्यादा डिप्टी सीएम पावरफुल है. इस दौरान सीएम गहलोत ने कई अन्य मुद्दों को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किए. 

'रिमोट कंट्रोल से चल रही सरकार'

सीएम गहलोत ने कहा, 'आज राजस्थान में सरकार की अकर्मण्यता चर्चा व चिंता का विषय बन गई है. सच तो ये है कि सत्ता रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है. यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध है. हमारा मानना है सरकार किसी भी दल की हो परन्तु नीति निर्माण, शासन व प्रशासन संदर्भित विषयों पर चुने हुए मुख्यमंत्री की भूमिका ही महत्वपूर्ण होनी चाहिए.' इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां रिमोट से सरकार चलाई जा रही है. उन्होंने सीएस सुधांश पंत को कार्यकारी सीएम बता दिया. उन्होंने सीएम से ज्यादा डिप्टी सीएम के चलते की भी बात कही. 

'ERCP का किया जा रहा दुष्प्रचार'

सीएम गहलोत ने कहा 'भाजपा सरकार ने दिल्ली में बैठकर ईआरसीपी पर जो एमओयू किया है, वास्तव में वह धरातल पर कहीं नहीं है. इस समझौते के बिंदुओं को भी जनता, मीडिया व विपक्ष से छिपाकर झूठा जश्न मनाया जा रहा है'

'डॉ किरोड़ीलाल मीणा की बोलती बंद हो गई'

पूर्व सीएम गहलोत ने कहा, 'आजकल धरना प्रदर्शन के मास्टर कहां गायब हैं. एक युवक की गलत खून चढ़ाने से मौत हो गई फिर भी वह चुप हैं. 5 हजार युवा मित्रों का रोजगार छीन लिया गया वह दो महीने से धरना दे रहे हैं. लेकिन वह अब नहीं बोल रहे'. उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही किरोड़लाल मीणा की बोलती बंद हो गई.