राजस्थान: CID ने गिरफ्तार किए 2 एजेंट, इस तरीके से पाकिस्तान में भेज रहे थे गोपनीय जानकारी

Rajasthan: पाकिस्तान में सामरिक महत्व की गोपनीय सूचना देने वाले ISI के दो एजेंट को सीआईडी इन्टेलिजेन्स ने गिरफ्तार किया है. एजेंट रतनखान और पारुराम के खिलाफ इन्टेलिजेन्स ने 2 मुकदमे दर्ज किए हैं. इसमें आरोपी पारुराम बॉर्डर होमगार्ड में तैनात हैं. दोनों शातिर एजेंट सोशल मीडिया के जरिए गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान में बैठे आकाओं […]

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Rajasthan: पाकिस्तान में सामरिक महत्व की गोपनीय सूचना देने वाले ISI के दो एजेंट को सीआईडी इन्टेलिजेन्स ने गिरफ्तार किया है. एजेंट रतनखान और पारुराम के खिलाफ इन्टेलिजेन्स ने 2 मुकदमे दर्ज किए हैं. इसमें आरोपी पारुराम बॉर्डर होमगार्ड में तैनात हैं. दोनों शातिर एजेंट सोशल मीडिया के जरिए गुप्त सूचनाएं पाकिस्तान में बैठे आकाओं तक पहुंचाते थे, जो काफी वर्षो से उनके संपर्क में थे.

राजस्थान सीआईडी इन्टेलिजेन्स के अतिरिक्त महानिदेशक एस. सेंगाथिर ने बताया कि इन्टेलिजेन्स द्वारा पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी की ओर से राजस्थान में की जाने वाली जासूसी गतिविधियों पर नजर रहती है. इसी निगरानी के दौरान जानकारी में आया कि सीमावर्ती क्षेत्र बाडमेर में लंगो की ढाणी, धारवी कलां निवासी 52 वर्षीय रतन खान और चिमाणियों की ढाणी, शोभाला जेतमाल निवासी 34 वर्षीय पारूराम को सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से निरन्तर सम्पर्क में है. इस पर सीआईडी इन्टेलिजेन्स जयपुर द्वारा दोनों की गतिविधियों पर लगातार सतत निगरानी आरम्भ की गई.

जिसके बाद संदिग्धों को जासूसी गतिविधियों में लिप्त पाये जाने पर धरा गया. जिसके बाद उन्हें जयपुर में केन्द्रीय पूछताछ केन्द्र पर सभी एजेन्सियों द्वारा पूछताछ करने पर सामने आया कि बॉर्डर होमगार्ड में गार्ड मैन के पद पर पदस्थापित पारूराम द्वारा नगाणा कवास बाडमेर स्थित मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी करते हुए टर्मिनल व उसके आसपास स्थित अन्य प्रतिबंधित क्षेत्रों के फोटोग्राफ्स, वीडियो व लोकेशन जैसी गोपनीय सूचनाएं पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी की महिला हैंण्डलर के सम्पर्क में रहते हुए हनीट्रैप व धनराशि के प्रलोभन में आकर अपने मोबाईल फोन से तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से उपलब्ध करवा रहा था. इसकी एवज में पारूराम को कई बार पाक हैण्डलर द्वारा धनराशि का भुगतान भी किया गया.

वही एजेंट रतन खान 2012 से नियमित रूप से पाकिस्तान में रह रहे अपने रिश्तदारों से मिलने के बहाने पाकिस्तान जाता रहता है. पाकिस्तान प्रवास के दौरान पाकिस्तानी आसूचना एजेंसियों के सम्पर्क में रहकर सीमावर्ती क्षेत्रों की गोपनीय सूचनाएं अपने मोबाइल फोन से तैयार कर सोशल मीडिया के माध्यम से भेजने की ट्रैनिंग प्राप्त की थी. पाकिस्तान में ट्रेनिंग प्राप्त कर भारत आने के पश्चात धनराशि के प्रलोभन में पाक हैंण्डलर के चाहे जाने पर प्रतिबंधित सीमावर्ती क्षेत्रों की फोटोग्राफ्स, वीडियों, लोकेशन जैसी गोपनीय सूचनाएं पाक हैंण्डलर को अपने मोबाईल फोन से तैयार कर वाट्सएप द्वारा उपलब्ध करवा रहा था. जिसके बाद दोनों आरोपियों के विरूद्ध शासकीय गुप्त बात अधिनियम 1923 के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया किया गया है और गहनता से पूछताछ की जा रही है.