गहलोत सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर लगाई रोक तो हनुमान बेनीवाल ने दी ये खुली चुनौती

Hanuman Beniwal to CM Ashok Gehlot: राजस्थान (rajasthan news) में छात्रसंघ चुनावों (Student Union Election) पर लगाई गई रोक को लेकर सियासत तेज हो गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (cm ashok gehlot) बीजेपी के बाद अब आरएलपी (RLP) सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) के भी निशाने पर आ गए हैं. उन्होंने सीएम गहलोत को खुली चुनौती […]

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गहलोत सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर लगाई रोक तो हनुमान बेनीवाल ने दी ये खुली चुनौती
गहलोत सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर लगाई रोक तो हनुमान बेनीवाल ने दी ये खुली चुनौती
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Hanuman Beniwal to CM Ashok Gehlot: राजस्थान (rajasthan news) में छात्रसंघ चुनावों (Student Union Election) पर लगाई गई रोक को लेकर सियासत तेज हो गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (cm ashok gehlot) बीजेपी के बाद अब आरएलपी (RLP) सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल (Hanuman Beniwal) के भी निशाने पर आ गए हैं. उन्होंने सीएम गहलोत को खुली चुनौती देते हुए कहा है कि अगर जल्द ही छात्रसंघ चुनावों को करवाने का निर्णय नहीं लिया गया तो आरएलपी प्रदेशभर में आंदोलन करेगी.

हनुमान बेनीवाल ने ट्वीट कर लिखा, “राजस्थान सरकार द्वारा विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव नहीं करवाने का निर्णय पूर्ण रूप से गलत है. छात्र संघ चुनाव से युवाओं को राजनीति में आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त होता है. प्रदेश सरकार तीसरे मोर्चे के बढ़ते प्रभाव, छात्र संघ चुनावों में भी थर्ड फ्रंट के बढ़ते बोलबाले से घबरा गई है.”

हार से बचने के लिए गहलोत सरकार ने लगाई रोक: राठौड़

नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने छात्र संघ चुनाव पर रोक लगाने को लेकर गहलोत सरकार पर जमकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मैं आज जिस भी मुकाम पर हूं वो छात्र राजनीति की बदौलत हूं. चुनाव पर रोक लगाना छात्र हितों की आवाज बुलंद करने वाले नेताओं के भविष्य पर कुठाराघात है. पिछले छात्रसंघ चुनाव में कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI का एक भी प्रत्याशी किसी विश्वविद्यालय में नहीं जीता था. इस बार भी विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों में NSUI के हारने की संभावना थी इसलिए गहलोत सरकार ने संभावित हार से बचने के लिए छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगाई है.

इस वजह से रद्द किया गया छात्रसंघ चुनाव

शिक्षा विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में बताया गया कि सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति ने छात्रसंघ चुनावों में धनबल और भुजबल का खुलकर प्रयोग होने और लिंगदोह समिति की सिफारिशों का उल्लंघन होने की स्थिति स्पष्ट की थी. आदेश में बताया गया कि अगर छात्रसंघ चुनाव कराए जाते तो शिक्षण कार्य प्रभावित होगा. इस वजह से बैठक में उपस्थित कुलपतिगणों द्वारा व्यक्त किए गए मन्तव्यों को ध्यान में रखते हुए इस बार चुनाव नहीं कराये जाने का फैसला लिया गया.

छात्रसंघ चुनाव में खर्चों पर CM गहलोत ने भी जताई थी नाराजगी

सीएम गहलोत ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए छात्रसंघ चुनावों में छात्रों द्वारा किए जाने वाले खर्चों को लेकर नाराजगी जताई थी. सीएम गहलोत ने कहा कि लिंगदोह कमेटी का उल्लंघन कर छात्र खूब पैसा खर्च करते हैं. किसी एमपी-एमएलए चुनाव की तरह पैसा बहाया जाता है.

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