सवाई माधोपुर सीट: जहां जाति ही जीत का सबसे बड़ा फैक्टर, इस बार कांग्रेस के लिए होगी मुश्किल!
Sawai Madhopur Vidhansabha Seat: सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से वर्तमान में कांग्रेस के दानिश अबरार विधायक हैं. उन्होंने साल 2018 में बीजेपी की आशा मीणा को 25 हजार वोटों के बड़े मार्जिन से शिकस्त दी थी. यह राजस्थान की ऐसी सीट है जहां पर जाति ही सबसे बड़ा फैक्टर है. ‘राजस्थान तक’ अपनी खास सीरीज […]
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Sawai Madhopur Vidhansabha Seat: सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से वर्तमान में कांग्रेस के दानिश अबरार विधायक हैं. उन्होंने साल 2018 में बीजेपी की आशा मीणा को 25 हजार वोटों के बड़े मार्जिन से शिकस्त दी थी. यह राजस्थान की ऐसी सीट है जहां पर जाति ही सबसे बड़ा फैक्टर है. ‘राजस्थान तक’ अपनी खास सीरीज के तहत हर विधानसभा सीट का विस्तृत कवरेज लेकर आ रहा है जिसमें हम आपको बताएंगे प्रत्याशियों की सूची, जातिगत समीकरण, यहां के विजेता- उपविजेता, वोट शेयर और भी बहुत कुछ.
सवाई माधोपुर विधानसभा सीट राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में आती है. यह सीट टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है जहां से इस समय बीजेपी के सुखबीर सिंह जौनपुरिया सांसद हैं.
ऐसा है जातिगत समीकरण
सवाई माधोपुर विधानसभा सीट सामान्य वर्ग की सीट है. यह सीट टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है. इस सीट पर मुख्य रूप से मुस्लिम, मीणा और गुर्जर वोटों का प्रभाव है. इनके अलावा एससी, ब्राह्मण, बनिया, माली और राजपूत समाज भी यहां की राजनीति में दखल रखता है. 2011 की जनगणना के अनुसार, यहां की आबादी 3 लाख 42 हजार है जिसमें 16 फीसदी एससी आबादी है, जबकि 23 फीसदी आबादी एसटी है.
पिछले 25 साल में 3 बार कांग्रेस और 2 बार बीजेपी जीती
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में सवाई माधोपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के दानिश अबरार ने जीत दर्ज की. दानिश (85,655) ने बीजेपी की आशा मीणा (60,456) को 25 हजार वोटों के बड़े मार्जिन से शिकस्त दी. वहीं 2013 में बीजेपी की दिया कुमारी (57,384) ने एनपीईपी के किरोड़ीलाल मीणा (49,852) को 7.5 हजार वोटों के अंतर से हराया. 2008 में कांग्रेस के अलाउद्दीन आजाद ने निर्दलीय किरोड़ीलाल मीणा को करीब 3 हजार वोटों के अंतर से शिकस्त दी.
अगर 2008 से पहले की बात करें तो 2003 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नाथू सिंह गुर्जर (53,661) ने कांग्रेस के डॉ. चंद्रभान (47,397) को जबकि 1998 में कांग्रेस के चंद्रभान (41,925) ने बीजेपी के नाथू सिंह गुर्जर (37,465) को पटकनी दी.
इस बार कांग्रेस के लिए जीत दर्ज करना होगा मुश्किल
सवाई माधोपुर सीट पर सबसे अधिक आबादी मीणा वोटरों की है. राज्य के बड़े नेता डॉ किरोड़ी लाल मीणा का इस क्षेत्र में अच्छा खासा प्रभाव है. उन्होंने बीजेपी से अलग होकर 2008 में अपनी अलग पार्टी बना ली थी. हालांकि 2018 में किरोड़ी ने वापस बीजेपी जॉइन कर ली और उन्हें राज्यसभा भी भेजा गया. उन्होंने अपनी राष्ट्रीय जनतांत्रिक पार्टी (राजपा) का भी बीजेपी में विलय कर दिया है. सबसे दिलचस्प बात ये है कि उनके बीजेपी में आने से मीणा मतदाताओं का रुझान बीजेपी की तरफ ज्यादा हो सकता है. इससे कांग्रेस के लिए इस बार यह सीट जीतना बड़ी चुनौती होगी.
