'सब्जी का हरा धनिया नहीं हैं हम...', जातिवाद पर भड़के विनोद जाखड़, संविधान बचाने के लिए भरी हुंकार
Vinod Jakhar Speech: राजस्थान के युवा नेता विनोद जाखड़ ने जातिवाद, संविधान और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर तीखा बयान देकर राजनीतिक माहौल गर्मा दिया है. जनसभा में उन्होंने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के संविधान को दलित, पिछड़े और वंचित समाज के सम्मान की नींव बताते हुए कहा कि समाज अब जाग चुका है और वोट की ताकत को समझता है. जानिए विनोद जाखड़ के भाषण की बड़ी बातें और इसके राजनीतिक मायने.
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Vinod Jakhar on Casteism
राजस्थान में छात्र राजनीति से निकलकर अपनी पहचान बनाने वाले नेता विनोद जाखड़ ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए जातिवाद और संविधान के मुद्दे पर तीखा हमला बोला है. जाखड़ ने न केवल दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की वकालत की, बल्कि विरोधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अब समाज जाग चुका है और वह अपने वोट की ताकत को समझता है. उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिभा को दरकिनार कर केवल जाति के आधार पर राजनीति करने वाले दौर अब खत्म होने चाहिए.