हाथरस सत्संग भगदड़ में भरतपुर की महिला ने भी गंवाई जान, राजस्थान से गए लोगों ने बताई पूरी कहानी

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हाथरस सत्संग भगदड़ में भरतपुर जिले से कुम्हेर थाना इलाके के गांव साबौरा की रहने वाली 50 वर्षीय राजेंद्री देवी की भगदड में मौत हो गई. वहीं दो महिलाएं घायल भी हुई, जिनका इलाज चल रहा है.

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यूपी के हाथरस में मंगलवार को मौत ने ऐसा तांडव खेला कि हर ओर बस शवों का अंबार लग गया. भोले बाबा के नाम से विख्यात सूरजपाल का सत्संग सुनने के लिए आसपास के राज्यों से भी बहुत से लोग आए थे. बताया जाता है कि हाथरस के ऐटा रोड के पास जिस जगह पर सत्संग होना था, वहां पर अस्सी हजार लोगों के बैठने की परमिशन ली गई थी, लेकिन ढाई लाख से ज्यादा की भीड़ सत्संग स्थल पर पहुंच गई. जिसके बाद भगदड़ मचने से सैकड़ों लोगों की मौत हो गई. भरतपुर जिले से भी हजारों लोग सत्संग में भाग लेने के लिए गए थे. ये सभी लोग गरीब और कामगार लोग थे.

इस हादसे में भरतपुर जिले से कुम्हेर थाना इलाके के गांव साबौरा की रहने वाली 50 वर्षीय राजेंद्री देवी की भगदड में मौत हो गई. वहीं दो महिलाएं घायल भी हुई, जिनका इलाज चल रहा है.

देर रात को सत्संग से भाग लेकर भरतपुर अपने घर पहुंचे चश्मदीदों ने इस भगदड़ की पूरी कहानी बताया. चश्मदीदों के मुताबिक सत्संग करने के बाद भोले बाबा चलने लगे तो जिस जमीन से होकर जा रहे रहे थे. सत्संग में भाग लेने वाले लोगों में बाबा के पैरों की जमीन को छूने की होड़ मच गई. इसी कारण लोगों में भगदड़ मच गई. जिसके बाद वहां कीचड और दलदल मे महिला-पुरुष और बच्चे गिर गए. उस भगदड़ में काफी लोगों की मौत हुई है.