Hanumangarh: गहलोत सरकार को उठाना पड़ेगा किसानों के साथ इस धोखे का खामियाजा!

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Hanumangarh: The Gehlot government will have to bear the brunt of this deception with the farmers!

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हनुमानगढ़ में ‘धरतीपुत्र’ कहे जाने वाले किसानों के सामने एक बड़ी समस्या खड़ी हो गई है, जी हां गहलोत सरकार ने गेहूं की ऑनलाइन खरीद के लिए जरूरी दस्तावेज को अनिवार्य कर दिया है, जो अब किसानों के गले की फांस बनता नजर आ रहा है. हनुमानगढ़ में गेहूं की पैदावार भी बढ़ी है, लेकिन अनाज मंडी से गेहूं गायब हो रहा है, क्योंकि परेशानी से बचने के लिए किसान अपना गेहूं पड़ोसी राज्य हरियाणा में बेच रहा है, वहीं कुछ किसान नुकसान में अपनी गेहूं की फसल बेचने को मजबूर हैं. पढ़े-लिखे युवा किसान भी इन कागजों की आवश्यकता में फंस गए हैं, उनका कहना है कि सरकार द्वारा बनाए गए इस नियम से किसानों को काफी परेशानी हो रही है, किसानों को नुकसान भी हो रहा है. वहीं, व्यापारी और मजदूर वर्ग भी काफी परेशान है, सरकार को भी राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, लेकिन केंद्र और राज्य की लड़ाई में नुकसान सभी को हो रहा है. सुनिए क्या कहना है किसानों, व्यापारियों और मजदूरों का।