कोटा सांगोद विधायक भरत सिंह कुंदनपुर अक्सर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को चिट्टियां लिखकर और अपनी मांग करते रहते हैं इसी संबंध में भरत सिंह कुंदनपुर ने एक चिट्ठी लिखी और कहा मुख्यमंत्री जी मैं तो संभाग की मांग नहीं कर रहा हूं मैं सिर्फ एक संभागीय आयुक्त का पद काफी महीनों से खाली चल रहा है उस पर एक संभागीय आयुक्त नियुक्त किए जाने की मांग कर रहा हूं क्योंकि कई घटनाएं ऐसी होती हैं जैसे बजरी माफिया या कई बड़ी घटनाएं होती हैं जिनमें हम कलेक्टर से कहते हैं तो कलेक्टर उस पर अच्छी तरह ध्यान नहीं दे पाते क्योंकि उन पर मंत्रियों का दबाव रहता है तो ऐसे में संभागीय आयुक्त की कमी हमें महसूस होती है। इस पद को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा ही भरा जाना है तो ऐसे में मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए भरत सिंह कुंदनपुर ने कहा कि जल्द से जल्द संभागीय आयुक्त नियुक्त किया जाए हालांकि उन्होंने जो खत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लिखा उसमें तंज कसते हुए कहा था कि मैं संभाग की मांग नहीं कर रहा हूं मुझे तो सिर्फ संभागीय आयुक्त की मांग है और अगर इस पद को भरने के लिए किसी व्यक्ति विशेष से आपको पूछने की जरूरत है तो उससे भी पूछिए पर पद को भरिए यहां के मंत्री से भी पूछना है तो पूछिए पर पद को भरिए। पंढरपुर ने सरकार के कामों की और योजनाओं की तारीफ करते हुए कहा कि अगर राजस्थान की जनता काम के और योजनाओं के भरोसे में वोट करेगी तो मुख्यमंत्री जी डेढ़ सौ सीटों की बात करते हैं लेकिन मैं कह रहा हूं कि पूरी 200 सीट ही कांग्रेस की होनी चाहिए क्योंकि कांग्रेस के कार्यकाल के अंतर्गत जो भी योजनाएं और जो बजट निकले हैं वह जनता को फायदा पहुंचाने वाला बजट है हर वर्ग तक इसका फायदा पहुंचा है। सचिन पायलट को लेकर कुंदनपुर ने कहा कि वह युवा है पार्टी का वरिष्ठ है वह अपनी जगह अपनी सोच रखते हैं अपने मुद्दे उठाते हैं लेकिन मैं यह मुद्दा उठा रहा हूं कि मुख्यमंत्री जी ध्यान हमारी तरफ आकर्षित करें और ऐसा नहीं है कि मुख्यमंत्री जी ध्यान आकर्षित नहीं करते छुट्टियों को पढ़ते हैं जवाब देते हैं और चिट्ठियों से बात करने का माध्यम और अपनी मांग को रखने का माध्यम अच्छा है कि की चिट्ठियों के माध्यम से जनता भी उन चिट्ठियों को पढ़ पाती है और सरकार भी उस पर जल्दी हमारी बात को मानती है। गौरतलब है कि कुछ समय से चिट्ठी शब्द का ज्यादा ही कुछ इस्तेमाल हो रहा है कुछ दिन पहले दो चिट्ठियों का जवाब नहीं आने और कार्रवाई नहीं होने से मजबूरन पायलट को ज्योतिबा फुले जयंती पर 1 दिन का अनशन करना पड़ा और कहां की छुट्टियों के माध्यम से मैंने वह सब बातें लिखी हैं जिन बातों के माध्यम से 2018 के अंदर हम जनता से चुनाव जीत कर आए थे वसुंधरा राज्य के भ्रष्टाचार के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करने की मांग की तो आप भरत सिंह कुंदनपुर का भी चिट्ठियां लिख कर और अपने संभागीय आयुक्त का पद भरवाने के लिए और मंत्री से पूछ कर लगाना है यह बात भरत सिंह कुंदनपुर के द्वारा कही गई तो यह बड़ी बात है कि राजस्थान में अब कांग्रेस के एमएलए सरकार की योजनाओं की तारीफ करते हैं कांग्रेस पार्टी की तारीफ करते हैं लेकिन कहीं न कहीं खुद के अपने क्षेत्र के कामों के लिए उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ती है। Kota: Why did Bharat Singh write an angry letter to the CM?