विधानसभा चुनाव का बिगुल बजा नहीं कि राजस्थान में एक से बढ़कर एक दिग्गज की एन्ट्री होने लगी है। क्या गहलोत.. क्या वसुंधरा.. क्या पायलट.. क्या बेनीवाल.. क्या जोशी और क्या विजय बैंसला। राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 की रेस में हर कोई दौड़ लगा रहा है। अब दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी ने भी राजस्थान में चुनावी बिगुल फूंक दिया है। ये है केजरीवाल की 6 गारंटी, जो दिल्ली और पंजाब के बाद राजस्थान के लोगों को भी मिल सकता है। जी हां.. अगर आप आम आदमी पार्टी को वोट देते हैं और उनकी सरकार बनती है तो आपको भी आने वाले दिनों में फ्री बिजली, फ्री शिक्षा और केजरीवाल के दावों के मुताबिक बेहतर इलाज मिल सकता है। खैर ये तो फिलहाल दूर की कौड़ी लगती है.. जानकार भी यही मानते हैं लेकिन आम आदमी पार्टी ने इस बार राजस्थान में सभी 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया है। इसी बीच खबरें तो ये भी हैं कि आप और आरएलपी की भी बातचीत चल रही है, और हो सकता है चुनाव से पहले केजरीवाल और बेनीवाल का गठबंधन हो जाए। उधर पायलट की राह देखते बेनीवाल भी लगता है अब थक चुके हैं। तभी तो अब ना पायलट को साथ आने के अपने ऑफर को दोहराते हैं और ना ही पायलट पर कुछ बोलते हैं। क्योंकि शायद उन्हें भी लग रहा है कि इस बार भी पायलट को आलाकमान ने अपना बना लिया। और सचिन पायलट अब कोई बगावत नहीं करेंगे, खासकर चुनाव से पहले तो बिल्कुल भी नहीं। हालांकि वो भी सचिन पायलट हैं कब क्या करें.. किसे पता। बहरहाल राजस्थान में अरविंद केजरीवाल की एंट्री से तीसरे मोर्चे को हवा मिल गई है। बात तो यहां तक चली कि बेनीवाल, पायलट और केजरीवाल को साथ लेकर तीसरा मोर्चा बना सकते हैं। लेकिन इसमें दम नहीं था.. हालांकि इस जोड़ी में दम जरूर है। अगर चुनाव से पहले बेनीवाल और केजरीवाल साथ आ गए तो आप समझ सकते हैं राजस्थान में कितना बड़ा खेल हो सकता है। सूत्रों की मानें तो यही बातें अंदरखाने चल रही हैं और हो सकता है जल्द आपको राजस्थान की राजनीति में कुछ नया देखने को मिले। Third Front strengthened as soon as Kejriwal entered the field, Delhi’s bet for Rajasthan’s victory!