30 साल पुराने भाषण पर घिरे उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़, RSS पर की थी ये टिप्पणी, कांग्रेसी नेता ने पूछा सवाल
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Rajasthan: कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. राज्यसभा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस अक्सर उन पर निशाना साधती रही है.
Rajasthan: कांग्रेसी नेता दिग्विजय सिंह ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. राज्यसभा में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस अक्सर उन पर निशाना साधती रही है. अब दिग्विजय ने धनखड़ का एक तथाकथित राजस्थान विधानसभा में दिया गया पुराना भाषण शेयर किया है, जिसमें उन्होंने आरएसएस के डेमोक्रेटिक होने को लेकर सवाल उठाए थे. दिग्विजय सिंह के इस दावे के बाद सोशल मीडिया पर तेजी से इसकी चर्चा हो रही है.
दरअसल, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राजस्थान विधानसभा में 5 जनवरी 1994 के धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद विवाद का एक तथाकथित पोस्ट शेयर किया है. इसमें जगदीप धनखड़ के भाषण का जिक्र है जिसमें उन्होंने कहा है, "मान्यवर, चतुर्वेदी जी होते तो मैं पूछता कि क्या आरएसएस में कोई चुनाव होते हैं? सभापति महोदय, क्या वह संस्था डेमोक्रेटिक हो सकती है जिसमें चुनाव नहीं होते? क्या पार्लियामेंट्री डेमोक्रेसी में ऐसी संस्था का कोई स्थान है? भारत की जनता का अभिवादन आप और हम सबको मिलकर करना चाहिये कि इस चुनाव के माध्यम से आरएसएस को उन्होंने करारा जवाब दिया."
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पोस्ट शेयर करते हुए धनखड़ से पूछते हैं कि क्या यह आप थे महामहिम उपराष्ट्रपति? कांग्रेस नेता जगदीप धनखड़ का आरएसएस को लेकर तथाकथित बयान शेयर करने के साथ ही दिग्विजय ने उनपर जमकर निशाना साधा. कांग्रेस नेता दिग्विजय ने लिखा, "क्या यह आप थे, महामहिम उपराष्ट्रपति? विधायक रहते हुए राजस्थान विधानसभा में आरएसएस पर ये टिप्पणी किसने की? इस कथन के बाद आप "एकलव्य" बन गये? यह मुझे आपके एक प्रशंसक ने दिया है.
