नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बीच वायरल हुआ अखिलेश यादव का पुराना वीडियो, गाजीपुर की रैली में कही थी ये बात
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अचानक राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल करने और सीएम पद छोड़ने की खबरों ने देश की सियासत में हलचल पैदा कर दी है. इस बीच समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से वायरल हो रहा है.

Akhilesh Yadav Prediction Nitish Kumar: बिहार की राजनीति में आए हालिया तूफान ने उत्तर प्रदेश की सियासत को भी गरमा दिया है. नीतीश कुमार, जो कुछ ही समय पहले तक मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज थे, अब राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं. इस बड़े उलटफेर के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सुर्खियों में हैं. दरअसल, अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर बहुत पहले ही गाजीपुर की रैली एक ऐसी बात कही थी जो आज सच साबित होती दिख रही है. सोशल मीडिया पर यूजर्स उनके उस पुराने बयान को साझा कर उन्हें 'दूरदर्शी नेता' बता रहे हैं.
गाजीपुर की रैली में अखिलेश ने क्या कहा था?
वायरल हो रहा यह वीडियो 30 अक्टूबर 2025 का है, जब बिहार में चुनावी माहौल चरम पर था. गाजीपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए उन्हें "चुनावी दूल्हा" करार दिया था. उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि भाजपा नीतीश कुमार के नाम और चेहरे का इस्तेमाल तो करेगी, लेकिन अंततः उन्हें मुख्यमंत्री पद से 'रिटायर' कर देगी. अखिलेश ने उस समय कहा था, "हम तो उन्हें प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन अब वह मुख्यमंत्री के पद से ही रिटायर हो जाएंगे."
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"चुनावी दूल्हे के गले में दोबारा नहीं पड़ेगी माला"
अखिलेश यादव ने अपने उस संबोधन में दावा किया था कि बिहार में बदलाव की लहर है और लोग तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बेहतर भविष्य देख रहे हैं. उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि दोबारा नीतीश कुमार के गले में मुख्यमंत्री की माला नहीं पड़ेगी. आज जब नीतीश कुमार ने सीएम पद छोड़कर राज्यसभा का रुख किया है, तो लोग अखिलेश के उन शब्दों को याद कर रहे हैं. समर्थकों का कहना है कि अखिलेश भाजपा की चालों को बखूबी समझते हैं और इसीलिए उन्होंने यह बात पहले ही कह दी थी.
इंडिया गठबंधन से एनडीए तक का सफर और कड़वाहट
एक समय ऐसा भी था जब नीतीश कुमार और अखिलेश यादव के बीच गहरी दोस्ती थी. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले जब 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन की नींव पड़ रही थी, तब नीतीश कुमार ही इसके मुख्य सूत्रधार थे. अखिलेश यादव उन्हें अपना आदर्श मानते थे और उनकी हर बात का समर्थन करते थे. लेकिन 2024 चुनाव आते-आते स्थितियां बदलीं और नीतीश कुमार पाला बदलकर एनडीए खेमे में चले गए. इसके बाद से ही अखिलेश यादव अक्सर उन पर तंज कसते रहे हैं.
10वीं बार शपथ पर भी अखिलेश ने ली थी चुटकी
जब नीतीश कुमार ने 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी, तब भी अखिलेश यादव ने उन्हें बधाई तो दी थी, लेकिन उसमें एक गहरा तंज छिपा था. उन्होंने कहा था कि "हम तो आपको प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे, लेकिन आप मुख्यमंत्री की कुर्सी से चिपक गए." अब जबकि नीतीश के हाथ से वह कुर्सी भी खिसक गई है, तो सपा समर्थकों का कहना है कि उनके नेता की बात पत्थर की लकीर साबित हुई.
राजनीतिक अपहरण या साइलेंट ऑपरेशन लोटस?
नीतीश कुमार के इस कदम को लेकर विपक्षी खेमे में तरह-तरह की चर्चाएं हैं. तेजस्वी यादव समेत कई नेता इसे "राजनीतिक अपहरण" करार दे रहे हैं, तो कुछ इसे भाजपा का "साइलेंट ऑपरेशन लोटस" कह रहे हैं. विपक्ष का आरोप है कि भाजपा जिस भी क्षेत्रीय दल के साथ जुड़ती है, उसे धीरे-धीरे खत्म कर देती है. महाराष्ट्र के बाद अब बिहार में हुए इस घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं माना जा रहा है.
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