'अखिलेश यादव पीछे हट जाएं, वरना उनकी भी पोल खोल दूंगा', आशुतोष ब्रह्मचारी ने दी सीधी चेतावनी; हत्या की साजिश का भी आरोप
Ashutosh Brahmachari statement: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ POCSO एक्ट में मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव को खुली चेतावनी दे दी है. एक इंटरव्यू में उन्होंने दावा किया कि उनके पास अखिलेश यादव से जुड़े ऐसे सबूत हैं, जो सामने आए तो बड़ा खुलासा हो सकता है. जानिए क्या है पूरा विवाद, आरोप-प्रत्यारोप और ताजा सियासी बयानबाज़ी.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) में मुकदमा दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी ने अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर सीधा हमला बोला है. यूपी तक को दिए अपने इंटरव्यू में आशुतोष महाराज ने दावा किया कि उनके पास अखिलेश यादव के खिलाफ भी ऐसे सबूत हैं, जो सामने आए तो अविमुक्तेश्वरानंद से भी बड़ा 'कांड' हो सकता है. आइए विस्तार से जानते है पूरी बात.
अखिलेश यादव को दी चेतावनी
आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के इशारे पर ही उनके खिलाफ षड्यंत्र रचा जा रहा है. उन्होंने कहा, 'अखिलेश जी, आप इस मामले से पीछे हट जाइए. यदि आपकी पोल खोलूंगा, तो बड़ा कांड हो सकता है. मेरे पास ऐसे एविडेंस आ गए हैं.' उन्होंने यह भी दावा किया कि अखिलेश यादव और उनके परिवार के कई सदस्य कभी उनसे आशीर्वाद लेने और पैर पकड़ने आते थे, जिसके फोटो उनके पास मौजूद हैं.
'मेरी हत्या की रची जा रही साजिश'
इंटरव्यू के दौरान आशुतोष महाराज ने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि परसों एक जिले में जाते समय उनकी गाड़ी का पीछा कराया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य उनकी और उनके साथ रहने वाले बटुकों की हत्या कराना चाहते हैं ताकि वे साक्ष्य (सबूत) न दे सकें. उन्होंने कहा, 'ये मुझे डरा रहे हैं, धमका रहे हैं, लेकिन मैं डरने वाला नहीं हूं.'
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IPS अधिकारी के साथ फोटो पर सफाई
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा दिखाई गई आईपीएस अजय पाल शर्मा के साथ उनकी तस्वीर पर सफाई देते हुए आशुतोष महाराज ने कहा कि ये सब एआई (AI) का कमाल है. उन्होंने दावा किया, 'जिस अधिकारी ने 2017 में सपा सरकार के दौरान मुझे जेल भेजा और मेरे परिवार को बर्बाद किया, मैं उसके साथ केक कैसे काट सकता हूं? वह फोटो एआई से बनाई गई है.'
साक्ष्य सार्वजनिक न करने की वजह
जब उनसे पूछा गया कि वे कथित 'अश्लील वीडियो' या सबूत सार्वजनिक क्यों नहीं कर रहे, तो उन्होंने कानून का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि पोक्सो एक्ट की धारा 23 के तहत पीड़ित नाबालिग बच्चों की पहचान और उनसे जुड़ी आपत्तिजनक सामग्री सार्वजनिक करना अपराध है. उन्होंने दावा किया कि वे सभी पुख्ता साक्ष्य माननीय न्यायालय को सौंप रहे हैं और जल्द ही दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.










