ईरान-इजरायल तनाव के बीच सऊदी अरब में फंसी एटा की बेटी, माता-पिता ने भारत सरकार से लगाई ये गुहार, देखें वीडियो
Middle East Crisis : ईमिडिल ईस्ट में छिड़ी भीषण जंग ने उत्तर प्रदेश के एटा में रहने वाले एक परिवार की धड़कनें बढ़ा दी हैं. जेड्डा में डेंटिस्ट बेटी की सुरक्षा को लेकर परिजन बेहद चिंतित हैं और केंद्र सरकार से भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने की अपील कर रहे हैं.

Iran Israel War: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद से मिडिल ईस्ट तनाव बना हुआ है. इस युद्ध की तपिश अब उत्तर प्रदेश के एटा जिले तक पहुंच गई है. यहां के प्रमुख व्यवसायी विकास जैन का परिवार अपनी बेटी सोना जैन की सुरक्षा को चिंता में है. परिवार के मुताबिक इस समय सोना जैन सऊदी अरब के जेद्दा में एक डेंटिस्ट के रूप में कार्यरत हैं. ऐसे में परिवार ने जैसे ही टीवी पर हमले की खबर सुनी तो उनके रातों की नींद उड़ गई. तब से वे लगातार अपनी बेटी से संपर्क में बने हुए हैं. उनके परिवार से अब हमारे सहयोगी यूपी तक से बात की है. जानिए इस बातचीत में उन्होंने क्या कहा और भारत सरकार से क्या अपील की है...
युद्ध की खबरों से सहमा है परिवार
बातचीत में सोना जैन के पिता विकास जैन ने बताया कि इस समय उनके घर पर रिश्तेदारों और शुभचिंतकों का तांता लगा हुआ है. हर कोई फोन करके बेटी का हाल चाल जान रहा है. वही सोना के दादा ने बताया कि हमले की खबर सुनते ही होने की खबर मिली है, वे बहुत ज़्यादा परेशान हैं. उन्होंने कहा कि हालांकि बच्चों से बात हो रही है, लेकिन मन में एक अनजाना डर बैठा हुआ है. परिवार का मानना है कि यह स्थिति किसी के लिए भी अच्छी नहीं है और युद्ध के और भयानक होने की आशंका बनी हुई है.
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बेटी की सुरक्षा को लेकर मां का छलका दर्द
सोना जैन की मां अपनी बेटी को लेकर भावुक और चिंतित नजर आईं. बातचीत में उन्होंने बताया कि जब से न्यूज सुनी है तो उन्हें पूरी रात नींद नहीं आई और मन में बेचैनी होने लगी. हालांकि जेद्दा अभी सीधे तौर पर युद्ध के प्रभाव से थोड़ा दूर है लेकिन वहां रहने वाले भारतीयों में डर का माहौल है. मां का कहना है कि उन्होंने बेटी को फोन करके वहां की स्थिति जानी तो उसने फिलहाल खुद को सुरक्षित बताया है. फिर भी एक मां का दिल तब तक शांत नहीं होगा जब तक उनकी बेटी उनकी आंखों के सामने नहीं आ जाती.
भारत सरकार से सुरक्षित वापसी की अपील
पिता विकास जैन ने कहा कि उन्हें भारत सरकार पर पूरा भरोसा है लेकिन वे वहां के मौजूदा हालातों को देखते हुए डरे हुए हैं. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों और उनकी बेटी जैसे अन्य लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए जल्द से जल्द कदम उठाए जाएं. उनका कहना है कि युद्ध लंबा खिंच सकता है, ऐसे में वहां फंसे लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए. परिवार चाहता है कि जब तक स्थिति सामान्य न हो जाए, तब तक सरकार उनके बच्चों को भारत वापस लाने की व्यवस्था करे.
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