Gorakhpur MLC Election: CM योगी के गढ़ गोरखपुर में BJP-SP के समीकरण बिगाड़ने वाले निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव कौन हैं? जानिए उनकी पूरी कहानी

Gorakhpur MLC election Rajeev Yadav: गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार राजीव यादव ने बीजेपी और समाजवादी पार्टी के समीकरणों को हिला कर रख दिया है. बेहद करीबी मुकाबले में मिली हार के बाद शिक्षक नेता राजीव यादव की राजनीतिक चर्चा पूरे उत्तर प्रदेश में तेज हो गई है.

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गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर बेहद रोमांचक रहा मुकाबला.
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर बेहद रोमांचक रहा मुकाबला.
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Gorakhpur MLC election Rajeev Yadav: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक खंड निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (MLC) चुनाव के नतीजे आने के बाद एक नए चेहरे की चर्चा पूरे राजनीतिक गलियारों में शुरू हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह क्षेत्र और पूर्वांचल के इस अहम चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरे राजीव कुमार यादव ने सभी राजनीतिक दलों के समीकरणों को हिलाकर रख दिया. भले ही इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी ने जीत हासिल की हो, लेकिन राजीव यादव ने जिस तरह से कांटे की टक्कर दी, उसने सबको हैरान कर दिया.

कौन हैं राजीव यादव और क्या है उनकी पृष्ठभूमि

मूल रूप से बलिया के रहने वाले राजीव कुमार यादव कुशीनगर के पडरौना स्थित उदित नारायण इंटर कॉलेज में भूगोल (Geography) के लेक्चरर हैं. वह माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री भी हैं. शिक्षक राजनीति के जाने-माने चेहरे राजीव यादव अटिवा (Ateva) गुट से जुड़े हैं और लंबे समय से शिक्षकों के मुद्दों को मजबूती से उठाते रहे हैं. पिछले विधानसभा और एमएलसी चुनावों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले राजीव ने इस बार चुनाव में ऐसी फाइट दी कि सत्ताधारी दल से लेकर विपक्षी दल तक के पसीने छूट गए.

काउंटिंग के दौरान रोमांचक मुकाबला और धांधली के आरोप

जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, वैसे-वैसे परिणाम दिलचस्प होते गए. एक समय ऐसा आया जब बीजेपी के अनुभवी उम्मीदवार ध्रुव त्रिपाठी के खिलाफ राजीव यादव ने मजबूत बढ़त बनाते हुए कड़ी चुनौती पेश की. हालांकि, अंत में बेहद कम वोटों के अंतर से बीजेपी उम्मीदवार विजयी घोषित हुए. परिणाम आने के बाद राजीव यादव ने पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए धांधली के गंभीर आरोप लगाए और निर्वाचन आयोग व न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कही. उनके समर्थकों में भी इस बात को लेकर खासा उत्साह और मायूसी दोनों देखने को मिले.

राजनीतिक भविष्य और भविष्य की दिशा

सरनेम यादव होने के कारण कयास लगाए जा रहे थे कि क्या वह भविष्य में समाजवादी पार्टी की राजनीति से जुड़ेंगे या नहीं. इस पर साफ करते हुए राजीव यादव ने स्पष्ट किया कि वह किसी राजनीतिक पार्टी के झंडे के नीचे काम करने के बजाय पूरी तरह से शिक्षकों और शिक्षा के हक की लड़ाई लड़ना चाहते हैं. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन की इस हॉट सीट पर मिली जबरदस्त लोकप्रियता ने यह साबित कर दिया है कि पूर्वांचल की राजनीति में राजीव यादव एक उभरता हुआ और मजबूत शिक्षक चेहरा बन चुके हैं.

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