ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का वो UP का कनेक्शन, जिसकी मौत के बाद UP के इस गांव में पसरा मातम
Ayatollah Ali Khamenei UP connection: ईरान पर हुए हमले और सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के निधन की खबर ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में गम का माहौल पैदा कर दिया है. किंतूर गांव में रहने वाले उनके पूर्वजों के परिजनों ने इसे पूरी मानवता और शिया समुदाय के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है.

Iran Supreme Leader UP Barabanki connection: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक ऐसी खबर आई जिसने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के किंतूर कस्बे को गमगीन कर दिया. यहां जैसे ही देर रात ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन की जानकारी मिली तो माहौल गमगीन हो गया. इसके पीछे की वहज है कि खामनेई का यूपी के किंतूर से कनेक्शन जो कि बहुत पुराना है. यही वजह है कि ईरान में हुई हलचल का असर यहां भी महसूस किया जा रहा है. ऐसे में यहां के लागों के बीच हमारे सहयोगी आज तक की टीम पहुंची है और इस घटना को लेकर वहां के लोगों से बात की है.
सबसे पहले जानें किंतूर और ईरान का कनेक्शन
बताया जाता है कि यूपी के इसी गांव से अयातुल्ला अली खामेनेई के गुरु रूहोल्लाह खुमैनी के पूर्वज ताल्लुक रखते थे. लगभग 150 साल पहले उनके दादा अहमद हुसैन हिंदी मूसी यहां से हिजरत करके ईरान चले गए थे. हालांकि समय के साथ बहुत कुछ बदल गया है, लेकिन आज भी यहां के लोग उस वंशावली और अपने गौरवशाली इतिहास को सीने से लगाए हुए हैं. गांव के बड़े-बुजुर्गों के अनुसार यही उन्हीं का पुश्तैनी घर है.
किंतूर गांव के लोगों का क्या है कहना?
किंतूर में रहने वाले उनके वंशजों के परिवार के सदस्यों का कहना है कि ईरान के साथ ही ये पूरी दुनिया के शिया समुदाय के लिए नुकसान है. हमारे सहयोगी आज से बात करते हुए स्थानीय निवासी सद अहमद ने बताया कि एक ऐसे रहनुमा को खोना जो मानवता का मुहाफिज था, बहुत बड़ी पीड़ा है. उन्होंने इस घटना को धोखे से किया गया हमला करार दिया.
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हमले की कड़ी निंदा और शांति की अपील
इलाके के इमामी जुमा सैयद मदहिर हुसैन जैदी ने इस घटना पर कड़ा रोष व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई केवल मुसलमानों के नेता नहीं थे वे पूरी इंसानियत को रास्ता दिखाने वाले शख्स थे. उन्होंने अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई इस कार्रवाई को आतंकी हमला बताया. स्थानीय लोगों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते इस तनाव पर चिंता जाहिर की है और कहा है कि हिंसा कभी भी किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकती.
दुआ-फातिहा का दौर शुरू
खामेनेई की मौत की खबर फैलते ही किंतूर और उसके आसपास के इलाकों में लोग इकट्ठा होने लगे. जगह जगह दुआ फातिहा का आयोजन किया गया और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई. लोगों ने आपसी भाईचारा और संयम बनाए रखने की अपील की है.
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