जंतर-मंतर हिंसा 'सच या साजिश'? संसद मार्च के दौरान उपद्रव से लेकर पाकिस्तानी एंगल तक, जानें पूरी इनसाइड स्टोरी
जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन और NEET परीक्षा में अनियमितताओं के विरोध में निकाला गया संसद मार्च हिंसक झड़प में बदल गया.
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जंतर मंतर प्रोटेस्ट
संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई 2026 को राजधानी दिल्ली की सड़कें भीषण तनाव, झड़प और उपद्रव की गवाह बनीं. सोनम वांगचुक के समर्थकों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद मार्च के दौरान देखते ही देखते हालात बेकाबू हो गए. प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच हुए टकराव में लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले, बैरिकेडिंग तोड़े जाने और पथराव की घटनाएं सामने आईं. अब इस पूरी घटना को लेकर दिल्ली पुलिस गहन जांच में जुट गई है कि क्या यह महज एक अचानक भड़का विरोध प्रदर्शन था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश रची गई थी.
