रिटायर अफसर के घर में काम करने वाली किशोरी की संदिग्ध लाश मिली, लखनऊ के इस घर में मासूम के साथ क्या हुआ था?
UP Crime News: मृतका के परिजनों ने रिटायर अफसर के बेटे पर लगाए गंभीर आरोप, बोले- बेटी पर बुरी नजर रखता था. दुष्कर्म की कोशिश की. विरोध करने पर जान ले ली. इधर आरोपी की मां घर में ताला लगाकर हुई फरार.

लखनऊ के रेलवे कॉलोनी में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जब रेलवे के एक रिटायर अफसर के घर काम करने वाली 14 साल की किशोरी की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई. सीतापुर की रहने वाली ये मासूम पिछले 6 महीनों से प्रह्लाद अग्रवाल के घर पर रहकर काम कर रही थी. 8 मार्च की सुबह मकान मालिक उमा अग्रवाल ने किशोरी के पिता को फोन किया. उन्होंने फोन पर बताया- ''तुम्हारी बेटी ने सुसाइड कर लिया है.'' ये सुनते ही किशोरी के पिता के पांवों तले जमीन खिसक गई. वो भागते-दौड़ते परिवार के साथ उस घर में पहुंचे जहां बेटी काम करती थी. उन्होंने देखा कि बेटी बेड पर बेजान पड़ी है.
मृतका के परिजनों का कहना है कि बेटी का शव देखते ही ये समझते देर न लगी कि क्या हुआ है. उन्होंने प्रह्लाद अग्रवाल बेटे राघव अग्रवाल (32) पर कई गंभीर आरोप लगाए. राघव नगरीय निकाय निदेशालय में डेटा मैनेजर के पद पर तैनात है. मृतका (14 साल) के पिता का कहना है कि राघव उनकी बेटी पर गलत नजर रखता था और पहले भी उसे परेशान कर चुका था.
मृतका के परिजनों का दावा है कि राघव ने किशोरी के साथ रेप की कोशिश की और जब उसने विरोध किया, तो उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई. चौंकाने वाली बात यह है कि घटना के बाद आरोपी की मां ऊमा घर में ताला लगाकर फरार हो गई है. इंसाफ की मांग को लेकर परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा. उन्होंने जल निगम रोड और फिर बालागंज चौराहे पर शव रखकर जाम लगा दिया.
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प्रदर्शन के दौरान हालात बिगड़े तो बुलाई गई PAC
करीब 3 घंटे तक चले इस भारी प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि पीएसी और अतिरिक्त पुलिस बल को मोर्चा संभालने के लिए बुलाना पड़ा. लोगों का आक्रोश तब शांत हुआ जब पुलिस अधिकारियों ने उचित कार्रवाई का लिखित आश्वासन दिया. आरोपी राघव के खिलाफ हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया गया है.
पिता ने क्या देखा? उन्होंने खुद बताया
पिता के मुताबिक, मासूम के हाथ-पैर बांधने और गले पर कसाव के स्पष्ट निशान थे, जो आत्महत्या के दावों को सिरे से खारिज करते हैं. हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण 'हैंगिंग' बताया गया है, लेकिन सच्चाई की तह तक जाने के लिए विसरा सुरक्षित रख लिया गया है. पुलिस अब आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि उस बंद कमरे के भीतर आखिर 8 मार्च की सुबह क्या हुआ था.
DCP पश्चिमी जोन ने क्या बताया?
DCP पश्चिमी जोन विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक पूरे मामले पर एफआईआर दर्ज कर लिया गयी है. आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है जिसके खिलाफ नामजद रिपोर्ट लिखवाई है. परिजोनों ने लिखित में उनको आश्वासन दे दिया गया है. जैसा साक्ष्य मिलेगा उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई होगी. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग से मौत होना बताया गया है. उस दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं.
गौरतलब है कि किशोरी 5 भाइयों में सबसे छोटी थी और दो दिन पहले ही अपनी मां से मिलकर आई थी. उस वक्त वह डरी और सहमी हुई थी, लेकिन गरीबी की मजबूरी उसे वापस उसी कालकोठरी में ले गई जहां मौत उसका इंतजार कर रही थी. प्रह्लाद अग्रवाल और उनकी पत्नी अपनी बीमारी का हवाला दे रहे हैं. फिलहाल, पुलिस की तैनाती के बीच सीतापुर में किशोरी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है. आरोपी राघव अग्रवाल पुलिस की गिरफ्त में है और जांच जारी है.










