पति के कातिलों को जब मिली मौत की सजा: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर ऐसा था रविता-अमरदीप का खौफनाक रिएक्शन
मेरठ जेल में अमित कश्यप हत्याकांड के दोषियों रविता और अमरदीप को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद उनके होश उड़ गए और वे फूट-फूटकर रो पड़े.
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मेरठ में बहुचर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में कोर्ट द्वारा सजा-ए-मौत (फांसी) का फैसला सुनाए जाने के बाद मेरठ जेल के भीतर खलबली मच गई है. सजा का ऐलान सुनते ही दोषी रविता और अमरदीप सन्न रह गए और फूट-फूटकर रोने लगे. वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मुताबिक, यह अपने आप में एक ऐतिहासिक मामला है जहां 48 घंटे के भीतर चार दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई है और दो महिला कातिलों को एक साथ इतनी कड़ी सजा मिलने का यह पहला मामला है.
सजा सुनते ही सदमे में आए दोषी
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जब सजा की घोषणा हुई, तो रविता और अमरदीप पूरी तरह से चौंक गए. वे मुंह पर हाथ रखकर जमीन पर बैठ गए और रोने लगे. उन्हें संभालकर बैरक तक ले जाना काफी मुश्किल भरा रहा. देर रात कनविक्शन वारंट आने के बाद दोनों को नए कैदी नंबर अलॉट किए गए- रविता को कैदी नंबर 399 और अमरदीप को कैदी नंबर 400 दिया गया. इसके साथ ही उन्हें जेल के निर्धारित सफेद कपड़े और साड़ी आदि प्रदान की गई तथा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए उनकी बैरकें बदल दी गईं.
रातभर नहीं सोए, तबीयत बिगड़ने पर दी गई दवा
तनाव और मानसिक आघात के कारण दोनों रातभर सो नहीं सके. रविता की तबीयत बिगड़ने और बुखार आने के कारण जेल के डॉक्टरों की सलाह पर उसे पैरासिटामोल व अन्य दवाइयां दी गईं. जेल प्रशासन द्वारा लगातार उन पर नजर रखी जा रही है और उचित काउंसलिंग की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है.
जेल में अन्य बंदियों में भी खौफ
इस ऐतिहासिक फैसले के बाद से मेरठ जेल की अन्य महिला बंदियों और गंभीर मामलों में बंद कैदियों के बीच भारी चिंता और डर का माहौल है. महिला वार्ड में सुरक्षा और निगरानी के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है, और पुरुष बंदियों पर सीसीटीवी के माध्यम से कड़ी नजर रखी जा रही है.
कानूनी प्रक्रिया के तहत उच्च न्यायालय (High Court) में अपील दाखिल करने के लिए स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (SALSA) के माध्यम से सरकारी वकील की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है.
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