शिक्षक से राजनेता बने नवीन सर ने आखिर क्यों थामा अखिलेश यादव का हाथ? सिपाही भर्ती पेपर लीक से जुड़ी है पूरी कहानी

Naveen Sharma news: शिक्षक से राजनेता बने नवीन शर्मा ने राजनीति में एंट्री कर ली है. रोजगार विद अंकित (RWA) चैनल से लोकप्रिय नवीन सर ने लखनऊ में अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी जॉइन की. जानें सिपाही भर्ती पेपर लीक से जुड़ी पूरी कहानी, नवीन शर्मा का राजनीतिक सफर और 2027 चुनाव की चर्चा.

Naveen Sir joins Samajwadi Party
Naveen Sir joins Samajwadi Party
social share
google news

उत्तर प्रदेश के लाखों युवाओं के बीच नवीन सर या नवीन भैया के नाम से मशहूर शिक्षक नवीन शर्मा ने राजनीति की दुनिया में कदम रख दिया है. रोजगार विद अंकित (RWA) यूट्यूब चैनल पर जीएस और हिंदी पढ़ाने वाले नवीन शर्मा ने आधिकारिक तौर पर समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया है. रविवार, 22 फरवरी को लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस दौरान उन्होंने मंच से हुंकार भरते हुए बताया कि आखिर एक सफल शिक्षक होने के बावजूद उन्होंने राजनीति में आने का फैसला क्यों लिया.

राजनीति में आने की मुख्य वजह

नवीन शर्मा ने अपने राजनीति में आने के पीछे किसी शौक को नहीं, बल्कि सिस्टम की एक बड़ी विफलता को कारण बताया. उन्होंने साल 2024 की 60,244 पदों वाली यूपी पुलिस सिपाही भर्ती का जिक्र करते हुए कहा कि 17 और 18 फरवरी को जब पेपर लीक हुआ, तो वह अंदर से हिल गए थे. नवीन शर्मा के मुताबिक, यह सिर्फ पेपर लीक नहीं था, बल्कि लाखों गरीब मां-बाप और छात्रों के भरोसे का कत्ल था.

उन्होंने बताया कि जब छात्रों के हक के लिए उन्होंने सड़क पर उतरने का फैसला किया, तो उन्हें और उनके परिवार को भारी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी. प्रशासन ने उनके घर पर पुलिस भेज दी और परिवार के सदस्यों को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर लिया गया. कई दिनों तक पुलिस ने उनके गांव और घर को घेर कर रखा.

यह भी पढ़ें...

'कुर्सी पर गलत आदमी बैठा हो तो एक साइन जिंदगी बर्बाद कर देता है'

लखनऊ आंदोलन का जिक्र करते हुए नवीन शर्मा ने कहा कि उस समय उनसे कई लोगों ने पूछा कि जब आपके पास नाम, शोहरत और करोड़ों छात्रों का समर्थन है, तो राजनीति की क्या जरूरत है? इस पर उन्होंने बड़ा ही मार्मिक जवाब दिया. नवीन सर ने कहा, 'उस दिन मुझे समझ आया कि मैं चाहे कितना भी अच्छा पढ़ा लूं और आप कितना भी अच्छा पढ़ लें, लेकिन अगर फैसला लेने वाली कुर्सी पर गलत आदमी बैठा हो, तो वह एक साइन करके हम सबकी जिंदगी बर्बाद कर सकता है."

उन्होंने आगे कहा कि सिस्टम की गंदगी साफ करने के लिए कीचड़ में उतरना जरूरी है. राजनीति में आने का उनका मकसद अब सिर्फ हक मांगना नहीं, बल्कि उस जगह पहुंचना है जहां फैसले लिए जाते हैं.

सपा को ही क्यों चुना? 

समाजवादी पार्टी जॉइन करने के पीछे का तर्क देते हुए नवीन शर्मा ने कहा कि अखिलेश यादव ने हमेशा जोड़ने का काम किया है, चाहे वह एक्सप्रेस-वे हो या डिजिटल एजुकेशन के लिए लैपटॉप. उन्होंने मौजूदा सरकार पर 'तोड़ने की राजनीति' करने का आरोप लगाया और कहा कि एक अध्यापक का घर सिर्फ समाजवादी पार्टी ही हो सकती है क्योंकि यहां 'मन की बात' नहीं, बल्कि 'जन की बात' होती है. उन्होंने अखिलेश यादव के पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया.

कौन हैं नवीन शर्मा? बुलंदशहर से लेकर यूट्यूब तक का सफर

नवीन शर्मा मूल रूप से बुलंदशहर जिले के सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव मसौता के रहने वाले हैं. एक किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाले नवीन ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. पिछले कई सालों से वह लाखों छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करा रहे थे. उन्होंने 15 दिसंबर 2025 को अपनी आखिरी क्लास ली थी, जिसमें उन्होंने नए सफर पर जाने के संकेत दिए थे. फिलहाल वह सिकंदराबाद विधानसभा सीट पर काफी सक्रिय हैं और चर्चा है कि वह 2027 में यहां से चुनाव लड़ सकते हैं.

यहां देखें वीडियो

यह खबर भी पढ़ें: 'मंत्र पढ़ने वाले मुंह से किया घिनौना काम', आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य पर लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला

    follow on google news