Charchit chehra: मायावती ने श्री श्री लिख क्यों लिया अशोक सिद्धार्थ से बदला? BSP से बाहर जाने की ससुर-दामाद की क्या है कहानी ?
अशोक सिद्धार्थ एक समधी, एक ऐसे नेता की कहानी जिसे आज खुद को पाक-साफ साबित करने के लिए. दामाद की राजनीति बचाने के लिए बार-बार मायावती को बहनजी लिखना पड़ रहा है, उनके चरण स्पर्श करने पड़ रहे हैं. यहां तक कि उन्होंने बेटी-दामाद की खातिर अपनी राजनीति की भी आहुति दे दी. जानें उनकी पूरी कहानी.
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कौन हैं डॉ. अशोक सिद्धार्थ जिनकी मायावती के घर रिश्तेदारी होते ही राजनैतिक कॉरियर में मची उथल-पुथल.
ऐसा माना जाता है कि बच्चों की शादी के बाद समधी और समधन का रिश्ता बराबरी का होता है. रिश्तों की गंभीरता के साथ हंसी-मजाक का होता है. लेकिन जब समधन मायावती जैसी प्रभावशाली और ताकतवर नेता हों तो सामाजिक रिश्तों के सारे नियम धरे के धरे रह जाते हैं.
