शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के 'गौ रक्षा' मिशन को मिला बाबा बागेश्वर का साथ, यूपी में गरमाई सियासत!
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की वाराणसी से लखनऊ तक की गौ रक्षा पदयात्रा को धीरेंद्र शास्त्री का समर्थन मिला है. जानिए 11 मार्च के लखनऊ प्रदर्शन और योगी सरकार के रुख के बारे में पूरी जानकारी.

उत्तर प्रदेश में गौ रक्षा और गौ माता को 'राष्ट्रमाता' घोषित करने की मांग को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है. वाराणसी के विद्यामठ से शुरू होकर लखनऊ तक जाने वाली इस पदयात्रा ने रवाना होने से पहले ही प्रदेश की सियासत और धार्मिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है.
धीरेंद्र शास्त्री का बड़ा समर्थन
इस अभियान को तब और मजबूती मिली जब बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) ने खुलकर शंकराचार्य का समर्थन किया. वाराणसी पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, "जो भी सनातन, गौ माता और गंगा के लिए कार्य कर रहे हैं, हम उनके दास हैं और उनके हर अभियान के साथ खड़े हैं."
योगी सरकार को घेरने की तैयारी
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद आज यानी 7 मार्च को वाराणसी से लखनऊ के लिए कूच कर गए हैं. उनका लक्ष्य 11 मार्च को राजधानी लखनऊ में एक बड़ा प्रदर्शन करना है. हालांकि, प्रशासन की ओर से अभी तक इस प्रदर्शन की औपचारिक अनुमति नहीं मिली है, जिससे टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है. शंकराचार्य ने अपने मठ में बकायदा एक बोर्ड लगाया है, जिसमें समर्थन देने वालों और सरकार के पक्ष में खड़े लोगों की सूची बनाई जा रही है.
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सियासी रंग लेती पदयात्रा
इस यात्रा को केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है. समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट किया है. वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधानसभा में स्पष्ट कहा था कि "मर्यादाओं का पालन सबको करना होगा", जिसे शंकराचार्य की इस मुहिम पर सरकार के कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है.
यात्रा का रूट
यह पदयात्रा वाराणसी से शुरू होकर जौनपुर, सुल्तानपुर और उन्नाव होते हुए लखनऊ पहुंचेगी. अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस यात्रा को लखनऊ में प्रवेश की अनुमति देता है या फिर रास्ते में ही इसे रोकने की कोशिश की जाएगी.










