बड़ी राहत: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक, आदेश सुरक्षित

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो मामले में अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखा है. मार्च के तीसरे हफ्ते तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है.

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स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉस्को मामले पर अग्रिम जमानत को लेकर हाईकोर्ट का फैसला.
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ दर्ज पॉक्सो (POCSO) मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली है. कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है, अब यह फैसला मार्च के तीसरे हफ्ते में सुनाया जा सकता है. राहत की बात यह है कि फैसला आने तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को 12 मार्च तक अपने-अपने लिखित पक्ष दाखिल करने के लिए समय दिया है.

शंकराचार्य की नहीं होगी गिरफ्तार

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि आदेश सुनाए जाने तक याचिकाकर्ता को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा, हालांकि उन्हें जांच में पूरी तरह सहयोग करने का निर्देश दिया गया है. जज ने कहा कि वे रिकॉर्ड को बारीकी से देखने के बाद जल्द फैसला देने की कोशिश करेंगे. इससे पहले कोर्ट ने यह सवाल भी उठाया कि याचिकाकर्ता सीधे हाईकोर्ट क्यों आए, उन्हें पहले सेशन कोर्ट जाना चाहिए था.

शंकराचार्य ने आरोपों का बताया मनगढ़ंत

इधर, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को पूरी तरह निराधार और "मनगढ़ंत" बताया है. उन्होंने शुक्रवार को कहा कि वे सच्चाई सामने लाने के लिए नार्को टेस्ट कराने को भी तैयार हैं. उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने दिनों बाद की गई जांच किसी की संलिप्तता कैसे साबित कर सकती है? उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला उन्हें बदनाम करने की एक साजिश है. स्वामी के समर्थकों और उनके शिष्य संजय पांडे का कहना है कि वे नियमित पूजा-पाठ कर रहे हैं और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है.

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