Shankaracharya on Salim Vastik: एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक पर हमले से भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद, बोले- "गला काटने से नहीं, तर्कों से जीतें जंग"
लोनी के एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक पर हमले के बाद शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान. उन्होंने मुस्लिम विद्वानों को बौद्धिक बहस की चुनौती दी और हिंसा को पशुता बताया. जानें पूरी रिपोर्ट.

उत्तर प्रदेश के लोनी में 27 फरवरी को एक्स-मुस्लिम सलीम वास्तिक पर हुए जानलेवा हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. सात दिनों तक वेंटिलेटर पर रहने के बाद सलीम वास्तिक को अब होश आ गया है. इस बीच, ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने मुस्लिम विद्वानों को खुली चेतावनी देते हुए इस कृत्य को 'क्रूरता' और 'पशुता' करार दिया है.
"अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला"
शंकराचार्य ने कहा कि भारत में संविधान ने हर व्यक्ति को अपने अनुभव साझा करने और अभिव्यक्ति की आजादी दी है. उन्होंने सलीम वास्तिक का पक्ष लेते हुए कहा, "एक व्यक्ति अपने धर्म के अनुभवों के आधार पर खुद को एक्स-मुस्लिम कह रहा है, तो इसमें किसी को बाधा नहीं होनी चाहिए. अगर कोई मौलाना खुद को एक्स-हिंदू कहना चाहे, तो हम उसे नहीं रोकेंगे."
"गला काटने से मोहम्मद साहब का सर ऊंचा नहीं होगा"
हमले की निंदा करते हुए शंकराचार्य ने मुस्लिम धर्मगुरुओं और आलिमों को नसीहत दी. उन्होंने कहा, "अगर सलीम वास्तिक कुछ गलत कह रहे थे, तो आपके विद्वानों को आगे आकर बौद्धिक रूप से उसका खंडन करना चाहिए था. गला काटने की जरूरत नहीं है. गला काटकर आप अपने आराध्य का भला नहीं कर पाएंगे, बल्कि इससे आपके मजहब के प्रति आदर कम होगा." उन्होंने सुझाव दिया कि मुस्लिम समुदाय को सलीम के सवालों का 'शास्त्रार्थ' के जरिए उत्तर देना चाहिए.
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सलीम वास्तिक की हालत और अब तक की कार्रवाई
सलीम वास्तिक फिलहाल दिल्ली के मैक्स अस्पताल में भर्ती हैं. सीसीटीवी फुटेज में देखा गया था कि जीशान और गुलफाम नाम के दो भाइयों ने घर में घुसकर उन पर बेरहमी से वार किए थे. पुलिस कार्रवाई में दोनों आरोपी भाई एनकाउंटर में ढेर हो चुके हैं, हालांकि उनके पिता बुनियाद अली ने एनकाउंटर को फर्जी बताया है. दूसरी ओर, सलीम के बेटे की तहरीर पर एआईएमआईएम नेता समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
शंकराचार्य ने सलीम वास्तिक के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि स्वस्थ होने के बाद उन्हें बिल्कुल भयभीत होने की जरूरत नहीं है और उन्हें अपने अनुभवों को बिना डरे जनता के सामने रखना चाहिए.










