'तीसरी मंजिल पर वो सखी और रहस्यमयी स्विमिंग पूल', पीड़ित बटुक के खुलासे से संत समाज में हड़कंप; शंकराचार्य विवाद में नया खुलासा
Shankaracharya controversy: वाराणसी के विद्यामठ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों ने नया मोड़ ले लिया है. पीड़ित बटुक के सनसनीखेज खुलासे में तीसरी मंजिल पर रहस्यमयी ‘सखी’ और स्विमिंग पूल का दावा, मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि और संभावित गिरफ्तारी की चर्चा ने संत समाज और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है. जानें पूरा विवाद.

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्यों पर लगे यौन शोषण के आरोपों ने अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है. कैमरे के सामने आए पीड़ित बटुकों ने न केवल अपनी आपबीती सुनाई, बल्कि वाराणसी के विद्यामठ में मौजूद एक रहस्यमयी सखी और स्विमिंग पूल को लेकर ऐसा दावा किया है जिसने जांच की दिशा ही बदल दी है. आइए विस्तार से जानते हैं पूरी बात.
'तीसरी मंजिल पर सखी नहलाती है'
यूपी तक से खास बातचीत के दौरान एक पीड़ित बटुक ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि वाराणसी स्थित मठ की तीसरी मंजिल पर एक छोटा स्विमिंग पूल बना हुआ है. बटुक के मुताबिक, 'वहां उनकी (शंकराचार्य की) एक सखी रहती है, जो उन्हें उस पूल में नहलाती है.' यह बयान सोशल मीडिया और संत समाज में तेजी से वायरल हो रहा है.
विद्यामठ का सच: क्या है 5वीं मंजिल और 'शीश महल' का राज?
इससे पहले शिकायतकर्ता आशुतोष महाराज ने दावा किया था कि मठ पांच मंजिला है और वहां 'शीश महल' जैसी सुविधाएं मौजूद हैं. जब यूपी तक की टीम केदार घाट स्थित विद्यामठ पहुंची, तो वहां की हकीकत कुछ और मिली:
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मंजिल का विवाद: मठ के प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने बताया कि यह पांच मंजिला नहीं, बल्कि बेसमेंट मिलाकर कुल चार मंजिला है.
शीश महल या पार्टीशन?: प्रतिनिधि के अनुसार, जिस हिस्से को 'शीश महल' कहा जा रहा है, वह दरअसल कांच का एक साधारण पार्टीशन है.
स्विमिंग पूल या हौदा?: स्विमिंग पूल के दावे पर सफाई देते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व शंकराचार्य (दिवंगत स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती) को घुटनों की तकलीफ थी, इसलिए डॉक्टर की सलाह पर एक हौदा बनाया गया था ताकि वे उसमें हाथ-पैर चला सकें. फिलहाल उसमें रद्दी कागज भरे हुए हैं और वह बंद पड़ा है.
'20 से ज्यादा बच्चों के साथ हुआ गलत काम'
पीड़ित बटुक ने आरोप लगाया कि सिर्फ वे दो लोग नहीं, बल्कि करीब 20-25 ऐसे बच्चे हैं जिनका मठ में लगातार यौन शोषण किया जाता है. बटुक ने बताया कि उन्हें 'सफेद कपड़े' पहने वीवीआईपी (VVIP) लोगों के सामने पेश किया जाता था और मुकुंदानंद जैसे शिष्य उन्हें गलत काम करने के लिए मजबूर करते थे.
मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि, गिरफ्तारी कभी भी!
मामले की गंभीरता तब बढ़ गई जब एक पीड़ित बटुक की मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हो गई. पुलिस ने बटुकों के बयान दर्ज कर लिए हैं और अब जांच का घेरा शंकराचार्य और उनके करीबियों पर कसता जा रहा है. माना जा रहा है कि इस मामले में कभी भी बड़ी गिरफ्तारी हो सकती है.
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इनपुट- संतोष शर्मा
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