कौन हैं BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह, जिनपर पर IT की रेड से मचा है सियासी तूफान? मायावती और अखिलेश ने किया वार

Umashankar Singh IT Raid: बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी से यूपी की राजनीति गरमा गई है. मायावती ने इसे मानवता के खिलाफ बताया, जबकि अखिलेश यादन ने जापान वाला तंज कसकर बीजेपी पर निशाना साधा. जानें IT रेड, राजनीतिक प्रतिक्रियाओं और पूरे विवाद की विस्तृत रिपोर्ट.

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बहुजन समाज पार्टी (BSP) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग (Income Tax) की छापेमारी ने उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल ला दिया है. बुधवार सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई लखनऊ और बलिया समेत उनके कई ठिकानों पर 24 घंटे से भी ज्यादा समय तक चली. इस कार्रवाई पर मायावती और अखिलेश यादव ने सरकार को आड़े हाथों लिया है.

मायावती का फूटा गुस्सा

बसपा सुप्रीमो मायावती ने इस कार्रवाई को 'अति दुर्भाग्यपूर्ण' और 'मानवता के खिलाफ' बताया है. उन्होंने सोशल मीडिया (X) पर पोस्ट कर कहा कि उमाशंकर सिंह पिछले दो साल से गंभीर बीमारी (ब्रेन कैंसर) से जूझ रहे हैं और उनका इलाज चल रहा है. मायावती ने सवाल उठाया कि अगर विभाग को पूछताछ करनी ही थी, तो उनके ठीक होने का इंतजार किया जा सकता था. उन्होंने जोर देकर कहा कि उमाशंकर सिंह ने हमेशा ईमानदारी से काम किया है और उनके खिलाफ अवैध संपत्ति की कोई शिकायत नहीं रही है.

अखिलेश यादव का तंज

समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने भी इस छापेमारी पर सरकार को घेरा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'आईटी वालों को नाम कौन बताता है? उनके यहां छापा इसलिए पड़ा क्योंकि कुछ लोग जापान गए हुए हैं. अगर वे यहां होते तो शायद जानकारी लीक हो जाती.' अखिलेश ने आगे कहा कि बीजेपी किसी की सगी नहीं है, यहां तक कि अपने लोगों की भी नहीं. उन्होंने सवाल किया कि क्या बीजेपी के किसी नेता के यहां कभी ऐसी छापेमारी होती है?

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बीजेपी मंत्री और समधी दिनेश प्रताप सिंह भी भड़के

हैरानी की बात यह है कि योगी सरकार के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने भी अपनी ही सरकार की एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं. बता दें कि उमाशंकर सिंह और दिनेश प्रताप सिंह समधी हैं. मंत्री ने कहा कि उमाशंकर सिंह 'फोर्थ स्टेज' के ब्रेन कैंसर से लड़ रहे हैं और ऐसे समय में उनके घर रेड डालना, जहां डॉक्टर और नर्स को भी जाने की इजाजत नहीं दी गई, उनके जीवन के लिए खतरा पैदा कर सकता है. उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर विभाग को जिम्मेदार ठहराया.

कौन हैं उमाशंकर सिंह?

उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा सीट से विधायक हैं और पूर्वांचल में बसपा का सबसे बड़ा चेहरा माने जाते हैं. 2022 के विधानसभा चुनाव में जब पूरी यूपी में बसपा का सूपड़ा साफ हो गया था, तब अकेले उमाशंकर सिंह ही थे जिन्होंने अपनी सीट बचाई थी. पिछले कुछ समय से बीजेपी मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ उनकी सियासी अदावत भी काफी चर्चा में रही है.

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