अमरोहा की सुरभि यादव ने UPSC 2025 में 14वां रैंक लाकर कर दिया कमाल, मॉक इंटरव्यू में ऐसे दिए सवालों के जवाब
UPSC 2025 Topper Surabhi Yadav: अमरोहा की सुरभि यादव ने यूपीएससी 2025 में 14वीं रैंक हासिल कर मिसाल पेश की है. उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय निरंतरता और अपने पिता की प्रेरणा को दिया है.

UPSC 2025 Topper Surabhi Yadav: कहते हैं कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या सुख-सुविधाओं की मोहताज नहीं होती. अमरोहा के एक छोटे से गांव सांगा की रहने वाली सुरभि यादव ने इसे सच कर दिखाया है. सुरभि ने सिविल सेवा परीक्षा 2025 में ऑल इंडिया 14वीं रैंक हासिल की है. उनकी इस कामयाबी ने साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य साफ हो तो गांव की पगडंडियों से निकलकर दिल्ली के गलियारों तक पहुंचना नामुमकिन नहीं है.
छोटे गांव से देश की सबसे बड़ी सर्विस तक
सुरभि का शैक्षणिक सफर काफी प्रेरणादायक रहा है. गांव से शुरुआती पढ़ाई करने के बाद उन्होंने आर्मी स्कूल, बरेली से 12वीं की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली के मशहूर लेडी श्री राम कॉलेज (LSR) से इतिहास में ग्रेजुएशन किया. सुरभि अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता को देती हैं जो खुद सरकारी सेवा में रहकर उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा बने.
इंटरव्यू के वो सवाल जिन्होंने सुरभि को बनाया खास
सुरभि के मॉक इंटरव्यू के दौरान उनसे कई ऐसे पेचीदा सवाल पूछे गए जिनका उन्होंने बड़ी ही परिपक्वता के साथ जवाब दिया. जब उनसे पूछा गया कि अमरोहा का नाम पहले 'ज्योतिबा फुले नगर' था और अब फिर अमरोहा है तो क्या नाम बदलना सही है? इस पर सुरभि ने बहुत संतुलित जवाब दिया. उन्होंने कहा कि नाम बदलना जनता की भावनाओं और ऐतिहासिक महत्व पर निर्भर होना चाहिए लेकिन इसके साथ ही प्रशासन पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
यह भी पढ़ें...
AI के दौर में इतिहास का महत्व
इतिहास की छात्रा होने के नाते उनसे पूछा गया कि क्या आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जमाने में इतिहास पढ़ने का कोई फायदा है? सुरभि ने कहा कि इतिहास हमें समाज की सोच और उनके बैकग्राउंड को समझने में मदद करता है. एक अच्छा प्रशासक बनने के लिए यह समझना बहुत जरूरी है कि लोग वैसा क्यों सोचते हैं जैसा वे आज हैं. सुरभि ने दिल्ली और यूपी में महिलाओं की सुरक्षा की स्थिति पर अपने व्यक्तिगत अनुभव भी बेबाकी से साझा किए.
पढ़ाई के साथ-साथ बेकिंग और वरली आर्ट का जादू
सुरभि केवल किताबों तक ही सीमित नहीं हैं. उन्हें खाली समय में महाराष्ट्र की मशहूर वरली पेंटिंग करना और बेकिंग करना बेहद पसंद है. इंटरव्यू के दौरान उन्होंने मोटापा जैसी गंभीर समस्या पर बात करते हुए 'हेल्दी बेकिंग' का सुझाव भी दिया जैसे चीनी की जगह खजूर का इस्तेमाल करना.
नए उम्मीदवारों के लिए सुरभि का मंत्र
सुरभि यादव का मानना है कि एक सिविल सर्वेंट के लिए ईमानदारी और निष्पक्षता सबसे ज्यादा जरूरी है. उन्होंने आने वाले छात्रों को सलाह दी कि वे करंट अफेयर्स पर अपनी पकड़ मजबूत रखें और पढ़ाई में निरंतरता (Consistency) बनाए रखें.
ये भी पढ़ें: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बीच वायरल हुआ अखिलेश यादव का पुराना वीडियो, गाजीपुर की रैली में कही थी ये बात










